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सरकारी आवासों में रहने की समय सीमा तय करे सरकारः हाईकोर्ट

Thu, 05 Mar 2020 09:44 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 05 Mar 2020 09:44 PM IST
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Government should fix the time limit for staying in government houses: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

सरकारी आवासों के आवंटन और कब्जे के विवादों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवासों के आवंटन व उसमें रहने की अवधि तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में 25 फरवरी 2020 को जारी शासनादेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।



कोर्ट ने कहा है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित अवधि के बाद सरकारी आवास में नहीं रहेगा। चाहे वह सेवानिवृत्त या स्थानांतरित हुआ हो या बर्खास्त किया गया हो या किसी दूसरे कारण से। अवधि बीत जाने के बाद आवंटित आवास में रहने का हकदार नहीं है।

Government should fix the time limit for staying in government houses: High Court
patna high court

जीआईसी, प्रयागराज के अध्यापक रमेश चंद्र वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने कहा है कि जिला स्तर के अधिकारी व सभी विभाग दो माह के भीतर अनाधिकृत तौर पर सरकारी आवास पर कब्जा जमाए लोगों की सूची उपलब्ध कराएं और इसके एक माह के भीतर सभी अवैध कब्जों को खाली कराया जाए। जो भी अधिकारी इसमें  लापरवाही बरते, उसके खिलाफ  भी कार्रवाई की जाए । कोर्ट ने आदेश की प्रति मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को भी भेजने का आदेश दिया है।

Government should fix the time limit for staying in government houses: High Court
allahabad high court

याची रमेश चंद्र को राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में सरकारी आवास आवंटित किया गया किंतु दूसरे अध्यापक द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने के कारण उन्हें आवास में कब्जा नहीं मिल रहा है। जिस पर कोर्ट के सख्त रवैये के कारण सरकार ने आवास खाली करवाकर याची का आवंटित कर दिया। 

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सरकार ने घोषित की आवास नीति


इसी मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवास नीति बनाने का आदेश दिया था। जिसके अनुपालन में सरकार ने 25 फरवरी 2020 को शासनादेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, न्यायिक सेवा के अधिकारियों तथा राज्य सेवा के अधिकारियों कर्मचारियों व पत्रकारों, वरिष्ठ पत्रकारों को भवन में आवंटन, उनके मुख्यालय में तैनात रहने की अवधि के लिए किया जाएगा। स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति की दशा में उनके द्वारा आवास खाली करना होगा। सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि त्याग पत्र या सेवा से बर्खास्तगी, सेवा समाप्ति आदि की स्थिति में सरकारी आवास खाली करना पड़ेगा ।

 मृत्यु हो जाती है तो परिवार को 90 दिन में आवास खाली करने होंगे। अस्थायी स्थानांतरण हुआ है तो 120 दिन में मकान खाली करना होगा। अध्ययन अवकाश पर हैं तो भारत में अध्ययन तक के लिए, चिकित्सा अवकाश में जब तक उनका इलाज चलता है, प्रशिक्षण के लिए जब तक प्रशिक्षण चले और प्रसूति अवकाश के लिए 180 दिन सरकारी आवास में रहने की छूट देने का नियम बनाया गया है।
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