बृहस्पतिवार को प्रयागराज में भी वर्ष के आखिरी सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहा। ज्योतिर्विदों के मुताबिक प्रयागराज में इसकी अवधि सुबह 8.19 से लेकर 11.10 बजे रही जबकि सूतक बारह घंटे पहले ही आरंभ हो गया था। त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर सहित शहर के तमाम मंदिरों में भोर से ही कपाट बंद कर दिए गए थे जो ग्रहण के बाद ही खुले। ग्रहण के बाद महंत नरेंद्र गिरि की देखरेख में लेटे हुए हनुमान का पंचामृत से स्नान कराया गया। फिर विभिन्न प्रकार के फूलों से उनका मनोहारी शृंगार किया गया। भव्य आरती के बाद दर्शन, पूजन के लिए मंदिरों के कपाट खोल दिए गए।
सूर्यग्रहण पर गंगा-संगम में डुबकी के लिए उमड़े श्रद्धालु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 27 Dec 2019 01:02 AM IST
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