इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में दो शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव मिलने से विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा है। चर्चा है कि ये दोनों शिक्षक इविवि के उस पुरा छात्र से मिले थे, जिसकी रिपोर्ट 12 जून को पॉजिटिव आई थी और वह पूर्व एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का मित्र भी है। मामला सामने आने के बाद इविवि प्रशासन अब विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह से सैनिटाइज कराने की तैयारी कर रहा है।
दो शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव आने से इलाहाबाद विवि में हडक़ंप
लाइब्रेरियन और पूर्व छात्र के बीच कुछ तक बातचीत हुई थी। इसके बाद पूर्व छात्र अगले दिन यानी सात जून को विभागाध्यक्ष के घर पहुंचा। पूर्व छात्र शिक्षक के विभाग में उपलब्ध एक उपकरण के बारे में जानकारी लेने पहुंचा था।
इसके बाद पूर्व छात्र खुद कोरोना पॉजिटिव निकल आया। 12 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दोनों शिक्षक अपने घर में ही क्वारंटीन हो गए और शुक्रवार को दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इस बीच कार्यालय आए लाइब्रेरियन को विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षक और अफसर उनके जन्मदिन की बधाई देने उनके पास गए थे। इसके अलावा दोनों शिक्षक पूर्व छात्र से मुलाकात से लेकर उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक लगातार विश्वविद्यालय भी जा रहे थे और अन्य शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अफसरों से भी मिल रहे थे।
अब विभागाध्यक्ष और लाइब्रेरियन की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। तमाम शिक्षकों एवं अफसरों के फोन भी स्विच ऑफ हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार देर शाम बैंक रोड स्थित टीचर्स कॉलोनी में उन शिक्षकों एवं अफसरों के घरों को सैनिटाइज कराया गया, जो कुछ दिनों पहले विभागाध्यक्ष और लाइब्रेरियन से मिले थे।
उधर, इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में जो भी कार्यालय या विभाग खुल रहे है, वहां नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। जहां, कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं, वहां, विशेष रूप से सैनिटाइजेशन कराया जाएगा।
सील हो सकती है ऑफीसर्स कॉलेानी
कोरोना पॉजिटिव गए विभागाध्यक्ष का आवास टैगोर टाउन में है जबकि लाइब्रेरियन एमएनएनआईटी परिसर स्थित ऑफीसर्स कॉलोनी में रहते हैं। इस कॉलोनी में इविवि के कई अफसर रहते हैं। ऐसे में ऑफीसर्स कॉलोनी को सील किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने चीफ प्रॉक्टर से किया संपर्क
इविवि के दो शिक्षकों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय से संपर्क कर जानकारी मांगी है। चीफ प्रॉक्टर ने फोन पर दोनों शिक्षकों से बात की है। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि लाइब्रेरियन पिछले दस दिनों से विश्वविद्यालय नहीं आ रहे थे जबकि विभागाध्यक्ष 11 जून के बाद विश्वविद्यालय नहीं आए। लाइब्रेरी छात्रों के लिए पूरी तरह से बंद है। वहां केवल लाइब्रेरियन का एक एक दफ्तर खुला है।