मानसून की पहली रिमझिम बारिश में ही ताजनगरी की सड़कें तलैया बन गईं। विश्व धरोहर आगरा किला के सामने ही सड़क की एक साइड पर जलभराव हो गया, जहां से पर्यटकों को निकलने में परेशानी हुई। वहीं मदिया कटरा रोड पर हलवाई की बगीची, कैलाशपुरी फ्लाईओवर से पहले तिराहे पर, नगला छऊआ, अलबतिया रोड, धनौली, खेरिया मोड़, सुंदरपाड़ा आदि जगहों पर जलभराव हो गया। नालों की सफाई के दावों के उलट इन सभी जगहों पर नालों के ओवरफ्लों होने से ही सड़कों पर पानी भरा। महज 10.2 मिमी बारिश में ही शहर की सड़कों पर हुए जलभराव ने नगर निगम के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। उधर, देहात और कस्बों में बुरा हाल रहा। यहां भी सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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भगवान टॉकीज पर सर्विस रोड पर हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
मदिया कटरा में कैलाशपुरी, हलवाई की बगीची और भावना क्लार्क्स होटल के पास फ्लाईओवर शुरू होते ही तिराहे पर पानी भरा रहा, वहीं नेशनल हाइवे पर गुरूद्वारा गुरू के ताल के सामने जलभराव हो गया। भगवान टॉकीज से न्यू आगरा के सर्विस लेन पर एक से डेढ़ फुट तक पानी भरा रहा, जिससे वाहन जाम में फंस गए। यहां कोचिंग संस्थान होने के कारण छात्रों को जलभराव से निकलना पड़ा।
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सुभाष पार्क के सामने जलभराव
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सुभाष पार्क के गेट के सामने दो फुट तक लबालब पानी जमा हो गया। इन सभी जगहों पर नाले की सफाई न होने और लो-लाइन एरिया होने के कारण जलभराव की समस्या झेलनी पड़ी, जबकि रिमझिम बारिश ही रिकार्ड की गई। झमाझम बारिश की कल्पना भर से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग सहम गए। मदिया कटरा रोड पर जगह जगह जलभराव हुआ, दरअसल, यहां नाले की सफाई हुई ही नहीं। केवल प्लास्टिक, पॉलिथीन निकाली गई। यह नाला जून की गर्मी में लबालब भरा हुआ था। इस नाले का जुड़ाव दिल्ली गेट से सोलिटेयर होटल वाले नाले से है, जिसकी सफाई अतिक्रमण के कारण नहीं हुई।
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सड़क पर हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
मदिया कटरा से दिल्ली गेट होते हुए सॉलिटेयर होटल तक 38 अवैध निर्माण बने हुए हैं, जिनके कारण नाले की सफाई हो नहीं पाई। यहां मशीनें नहीं पहुंच पातीं, जिस वजह से नाले में पांच से आठ फुट तक सिल्ट भरी हुई है, इस वजह से मदिया कटरा से आने वाला पानी आगे नहीं निकल पाता और कैलाशपुरी से हलवाई की बगीची रोड पर जलभराव होता है।
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आगरा किले के सामने हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के अधिकारियों ने कागजों पर नाला सफाई के दावे किए, पर हकीकत में नालों की सफाई पूरी हुई ही नहीं। पश्चिमपुरी, अरविंद पुरम्, अलबतिया रोड, कलाकुंज पर नगर निगम ने सोमवार को सिल्ट निकालकर सड़क पर रख दी, जिसे बुधवार को उठाने के लिए निर्देश भी दिए गए, लेकिन सेनेटरी इंस्पेक्टरों की लापरवाही के कारण नालों से निकली सिल्ट बारिश के कारण वापस नाले में ही चली गई। बृहस्पतिवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई, जिससे सिल्ट और प्लास्टिक कचरा फिर से नालों में समा गया। इन क्षेत्रों में सिल्ट के बहने के कारण सड़कों पर फिसलन भी हो गई।