ब्रज में ऐसे कई उम्मीदवार हैं जिन्हें खुद का वोट नहीं मिल पाएगा। अगर इनके परिजन इन्हें चुनना चाहें तो वे भी इनके लिए मतदान नहीं कर पाएंगे। एक एक वोट की मारामारी में एक वोट की कीमत वहां ज्यादा महसूस होगी जहां मुकाबले कांटे का है। ये लोग चुनाव लड़ने बाहर से आए हैं। इसकी ही इनको कीमत चुकानी पड़ेगी।
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आगरा से कांग्रेस की प्रत्याशी प्रीता हरित और बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी
आगरा में ऐसे कई प्रत्याशी हैं। आगरा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी प्रीता हरित का वोट आगरा में नहीं है। गठबंधन उम्मीदवार मनोज सोनी का वोट भी आगरा से बाहर है।
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फतेहपुर सीकरी से बसपा प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा, कांग्रेस के राज बब्बर
फतेहपुर सीकरी में लड़ रहे कांग्रेस के राज बब्बर का वोट आगरा में है, लेकिन फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र से बाहर है। नोएडा के रहने वाले गठबंधन प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा को वोट भी उन्हें नहीं मिल पाएगा।
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भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा के लिए मथुरा संसदीय क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरी सांसद हेमा मालिनी अपना वोट अपने लिए नहीं डाल पाएंगी। उनके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा किया गया मतदान भी हेमामालिनी के खाते में नहीं जाएगा। हेमा मालिनी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का नाम मथुरा के मतदाताओं की सूची में शामिल नहीं हैं।
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अक्षय यादव और शिवपाल यादव
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे तीन प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनका परिवार तो दूर बल्कि वो खुद भी अपने लिए वोट यहां नहीं डाल सकेंगे। चुनाव मैदान में उतरे समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी अक्षय यादव सैफई इटावा के निवासी हैं और उनका वोट वहीं बना है। इसलिए वो अपने लिए मतदान तक नहीं कर सकेंगे। अक्षय यादव के साथ ही उनके चाचा एवं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी अपने लिए वोट नहीं डाल सकेंगे। क्योंकि उनका वोट भी सैफई में है।