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ताजमहल की 'दीवानगी': सैलानियों की लंबी कतार, एएसआई प्रवेश संख्या बढ़ाने को नहीं तैयार
Thu, 19 Nov 2020 02:25 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 19 Nov 2020 02:25 PM IST
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ताजमहल का दीदार करने आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के दरवाजे 21 सितंबर से सैलानियों के लिए खोल दिए गए। देशभर के सभी स्मारकों में 2500 तो ताजमहल पर 5000 टिकटों की संख्या तय की गई, लेकिन किसी भी स्मारक पर सैलानियों की संख्या कैपिंग को छू भी नहीं पाई, जबकि ताज पर हर दिन एक हजार से ज्यादा सैलानी टिकट उपलब्ध न होने के कारण वापस लौट रहे हैं। सैलानियों में केवल ताजमहल के दीदार का क्रेज है, लेकिन संस्कृति मंत्रालय और एएसआई ताज पर टिकट बढ़ाने से परहेज कर रहा है। जनप्रतिनिधियों और पर्यटन उद्यमियों ने ताजमहल से टिकटों की कैपिंग हटाने की मांग की, जिसे एएसआई ने दरकिनार कर दिया। विश्व धरोहर सप्ताह के आगाज पर पर्यटन संगठनों ने ताज से कैपिंग हटाने या टिकटों की संख्या बढ़ाकर 15 हजार प्रतिदिन करने की मांग उठाई है।
ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर टिकटों की संख्या दो स्लॉट में 2500-2500 है। सुबह कोहरे के कारण सैलानी कम, पर दोपहर में ज्यादा पहुंचते हैं। ऐसे में ताज पर दोपहर में आने वाले सैलानियों को टिकट नहीं मिल पाते। सभी टिकट ऑनलाइन बुक होने के कारण कस्बों, स्मार्ट फोन न रखने वाले और अचानक कार्यक्रम बनाने वाले पर्यटकों को मुश्किल आ रही है। दोपहर एक बजे तक सभी टिकट बुक होने से पर्यटकों को निराश लौटना पड़ रहा है।
ताजमहल में छाता लगाकर घूमते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
एडवांस टिकट अगर लें तो नहीं होगी परेशानी
जैसे ट्रेन का रिजर्वेशन कराकर यात्रा करते हैं, वैसे एक दिन पहले या सुबह एडवांस टिकट अगर ले लें तो किसी पर्यटक को परेशानी नहीं आएगी। मोबाइल एप पर टिकटों की ऑनलाइन संख्या नजर आती है कि कितने टिकट स्मारकों में बिक्री के लिए बचे हैं। ताजमहल आने से पहले उसका उपयोग करें। वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद
जैसे ट्रेन का रिजर्वेशन कराकर यात्रा करते हैं, वैसे एक दिन पहले या सुबह एडवांस टिकट अगर ले लें तो किसी पर्यटक को परेशानी नहीं आएगी। मोबाइल एप पर टिकटों की ऑनलाइन संख्या नजर आती है कि कितने टिकट स्मारकों में बिक्री के लिए बचे हैं। ताजमहल आने से पहले उसका उपयोग करें। वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
हमारी मांग सिर्फ ये है कि कैपिंग हटा दी जाए। ताजमहल में एक बार में प्रति घंटे 4000 पर्यटक आ सकते हैं, फिर प्रतिबंध क्यों। दिवाली पर बाजारों में क्या सामाजिक दूरी का पालन कराया गया, अगर नहीं तो फिर ताज के साथ ही सौतेला व्यवहार क्यों। - संदीप अरोड़ा, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन
ताजमहल से साढ़े तीन लाख लोगों के घर का चूल्हा जलता है। एक तरफ सब कुछ खोल दिया गया, दूसरी तरफ पांच हजार टिकट लिमिट पर अड़े हुए हैं। देश में कोई स्मारक ऐसा है जहां कैपिंग से ज्यादा पर्यटक आए हों। केवल ताज पर ऐसा हो रहा है तो फिर लिमिट क्यों नहीं बढ़ाई जा रही। हरीश शर्मा, उपाध्यक्ष, पर्यटन प्रहरी
ताजमहल से साढ़े तीन लाख लोगों के घर का चूल्हा जलता है। एक तरफ सब कुछ खोल दिया गया, दूसरी तरफ पांच हजार टिकट लिमिट पर अड़े हुए हैं। देश में कोई स्मारक ऐसा है जहां कैपिंग से ज्यादा पर्यटक आए हों। केवल ताज पर ऐसा हो रहा है तो फिर लिमिट क्यों नहीं बढ़ाई जा रही। हरीश शर्मा, उपाध्यक्ष, पर्यटन प्रहरी
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
15 हजार पर्यटकों को हर दिन मिले अनुमति
जब बस, ट्रेन, बाजार, सड़कों पर सामाजिक दूरी का पालन तक हो नहीं रहा, तो ताज पर सभी प्रतिबंध लागू करने का क्या फायदा। सतर्कता बरतते हुए मास्क, सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन के साथ ताज पर कम से कम 15 हजार पर्यटकों को हर दिन अनुमति देनी चाहिए। - रमेश वाधवा, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसो.
जब बस, ट्रेन, बाजार, सड़कों पर सामाजिक दूरी का पालन तक हो नहीं रहा, तो ताज पर सभी प्रतिबंध लागू करने का क्या फायदा। सतर्कता बरतते हुए मास्क, सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन के साथ ताज पर कम से कम 15 हजार पर्यटकों को हर दिन अनुमति देनी चाहिए। - रमेश वाधवा, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसो.