दुनिया के सातवें अजूबे की एक झलक पाने के लिए देश भर के सैलानी जब ताजमहल के अंदर थे, तब बम की झूठी सूचना ने उनमें दहशत फैला दी। गुरुवार सुबह 9:30 बजे जब ताज से सैलानियों को सुरक्षा के मद्देनजर बाहर निकाला गया, तब 600 से ज्यादा सैलानी एकटक ताज को निहार रहे थे। 113 मिनट तक न केवल सैलानी, बल्कि सुरक्षा एजेंसियां दहशत में रहीं।
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ताजमहल के बाहर खड़े पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 9:30 बजे से 11:23 बजे तक ताजमहल सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया। सैलानियों के जहन में सवाल था कि आखिरकार ताजमहल में क्या हुआ, जो उन लोगों को अचानक बाहर निकाल दिया गया। 30 मिनट तक तो किसी को कुछ भी समझ नहीं आया। जब खबरें मीडिया में आईं, तो पर्यटकों को पता चला।
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ताजमहल में जांच करते सीआईएसएफ के जवान
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बम डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीएस) ने चप्पे-चप्पे पर तलाशी की। 113 मिनट तक चेकिंग के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने ताज को सुरक्षित घोषित किया, उसके बाद 11:23 बजे ताज में दोबारा पर्यटकों का प्रवेश शुरू किया गया। इसके बाद ताजमहल के प्रति दीवानगी दहशत पर भारी दिखी।
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ताजमहल
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हरदोई से पर्यटक शब्बीर ने कहा कि एक सिरफिरे की वजह से दो घंटे परेशान होना पड़ा। इतनी दूर से केवल ताज देखने आए थे, जैसे ही अंदर लाल गेट तक पहुंचे, हमें बाहर कर दिया, पर हम भी तय करके आए थे कि चाहे जो हो जाए, ताजमहल देखकर के ही जाएंगे।
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आगरा: ताजहल में प्रवेश करते पर्यटक
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इंदौर निवासी जगदीप ने कहा कि हम तो सुबह अंदर जा चुके थे, लेकिन मॉक ड्रिल बताकर बाहर निकाल दिया। हमने दोबारा ताज खुलने पर फिर टिकट बुक किया और फिर दो बजे तक ताजमहल तसल्ली से देखा। एक सिरफिरे की धमकी ने एक बार तो हमें डरा ही दिया।