बाह थाना क्षेत्र के गांव पुरा जसोल में शनिवार को डालचंद पुरवंशी (70) और उनकी पत्नी रामकली (68) को बेटे राम शंकर ने अपने बच्चों के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था। सोमवार की सुबह कमतरी के घाट पर एक ही चिता पर दंपती की अंत्येष्टि हुई। बेटे की करतूत पर हर आंख नम थी। वहीं वारदात के 60 घंटे बाद भी पुलिस की तीनों टीमें खाली हाथ हैं। इस दौरान पुलिस ने एक रिश्तेदार को पूछताछ के लिए उठाया है।
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अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोग
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बाह के पुरा जसोल में परचून की दुकान खाली कराने के विवाद में बेटे राम शंकर और नाती अमित, अजीत ने डालचंद पुरवंशी और उनकी पत्नी रामकली की हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
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दूसरे बेटे कुलवीर सिंह ने बताया जान का खतरा
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दूसरे बेटे कुलवीर सिंह ने मुखाग्नि दी। इधर आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमों ने आसपास के जिलों तक दबिशें दी हैं। एक रिश्तेदार को पूछताछ के लिए उठाया भी गया है। पर, 60 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ एक भी आरोपी नहीं लग सका है। पीड़ित परिवार ने अपनी जान माल का खतरा बताकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस से की है। इंसपेक्टर बाह प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि हर सम्भव स्थान पर दबिश दी गई है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। टीमें अभी भी दबिश में हैं।
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दो हत्याओं के बाद विलाप करता परिवार
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सोमवार को अपने माता पिता के शव देखकर भावुक हुई बहन अंजू ने कहा कि हत्यारोपी भाई राम शंकर की कलाई पर राखी बांध कर वह पछता रही है। सिसकते हुए बोली कि क्या कोई जन्म देने वालों को भी मारता है। फांसी की सजा होनी चाहिए। अंजू ने बताया कि घटना से एक दिन पहले माता पिता से बात हुई थी। दोनों ने दो दिन बाद दिल्ली में उसके पास आने के लिए कहा था। सास-ससुर के शव देख छोटे बेटे कुलवीर की पत्नी ममता ने कहा कि अब वह अपने बेटे और पति को यहां पर नहीं रहने देगी। उनकी जान को भी खतरा है। रविवार की रात पोस्ट मार्टम के बाद दंपती के शव चौबेपुरा गांव स्थित घर पर पहुंचे थे।
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हत्या का चश्मदीद पिता के साथ सहमा हुआ
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मां-बाप को खोने वाले कुलवीर ने बताया कि उसके साथ भी फरार आरोपी अनहोनी कर सकते हैं। डर के चलते वह गोपालपुरा में अपने चाचा के घर पर सोया था। बताया कि एक आरोपी वहां तक पहुंच गया था। बेटा शिवा की जान को भी खतरा है। उसकी आंखों में अभी भी वारदात का डर समाया हुआ है। डर के चलते उसके साथ ही रह रहा है। जरा सा दूर होते ही रो पड़ता है।