आगरा जनपद में अधिकतम तापमान 21.8 और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस है। दोनों ही सामान्य से कम हैं। गलन बढ़ गई है। इन परिस्थितियों में भी परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी बरामदे में बैठकर पढ़ रहे हैं। कमरों की स्थिति बैठने लायक नहीं है। विद्यार्थी ठंड से ठिठुर रहे हैं। अधिकतर प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर नहीं है। कुछ स्कूलों में संस्थाओं की ओर से फर्नीचर जरूर दिए गए हैं। विभाग स्तर से नहीं उपलब्ध कराए गए। विद्यार्थी फर्श पर ही चटाई बिछाकर बैठते हैं।
शिक्षा विभाग की बदहाल व्यवस्था: ठंड में ठिठुर रहे बच्चे, कमरे जर्जर, बरामदे में पढ़ रहे विद्यार्थी, देखिए तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (कन्या), सिकंदरा में गर्मी और बारिश के बाद अब ठंड में भी बरामदे में बैठकर पढ़ रहे हैं। दो कमरों की छत गिर चुकी है। बाकी दो कमरों की छत जर्जर हो चुकी है। गुरुवार को 29 विद्यार्थी पढ़ने के लिए पहुुंचे थे, सभी बरामदे में फर्श पर चटाई बिछाकर ही बैठे थे। विद्यालय की हेड प्रीति सक्सेना ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई जा रही
जिन विद्यालयों में भवन नहीं थे, या फिर जिनके भवन जर्जर थे, उनके यहां के विद्यार्थियों को आसपास के विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया है। अब भी जिन विद्यालयों में समस्या है, उनकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से मंगाई जा रही है। - सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
परिषदीय स्कूलों में अभी भी बिना स्वेटर, जूते-मोजे के विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत अभिभावकों के खाते में धनराशि (1100 रुपये) नहीं पहुंच पाई है। 2.60 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि ट्रांसफर होनी है। अभी तक 74 हजार को ही मिल पाई है।
आगरा: ठंड में बिना स्वेटर व जूते-मोजे के स्कूल पहुंचे रहे विद्यार्थी, शिक्षकों को सता रहा 'डर'