आगरा के खेरिया मोड़ ख्वासपुरा के पथवारी मंदिर के पुजारी लेख सिंह कुशवाहा लड्डू गोपाल की तीमारदारी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। पट्टी बदलने के बाद दिन में दो बार दर्द का मरहम लगा रहे हैं। उनकी देखभाल में भी दो-तीन घंटे और बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार को लड्डू गोपाल का हाथ टूटने पर जिला अस्पताल में पर्चा बनवाकर पट्टी करवाई थी।
जब उन्होंने काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए कहा तो गार्ड ने उन्हें फटकार दिया था। इस पर पुजारी जोर-जोर से रोने-बिलखने लगे थे। काउंटर कर्मचारी ने फोन पर इस बारे में प्रमुख अधीक्षक को जानकारी दी। उन्होंने पुजारी को अपने चैंबर में बुलाकर शांत कराया। काउंटर कर्मचारी से श्रीकृष्ण पुत्र श्री भगवान के नाम से पर्चा बनवाया। लेख सिंह की भक्ति भावना देख खुद प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने लड्डू गोपाल के हाथ पर पट्टी की थी।
भक्त लेख सिंह कुशवाहा ने बताया कि लड्डू गोपाल कही पट्टी करवाने के बाद शुक्रवार को मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया था। पूजा की और प्रसाद भी बांटा। शनिवार को मेडिकल स्टोर से दर्द का ट्यूब (ऑइनमेंट) लेकर आया। शनिवार को सावधानी पूर्वक पट्टी बदली और फिर मरहम लगाया है। दो-तीन घंटे उनके पास ही बैठ रहा हूं।
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लड्डू गोपाल की सेवा करते लेख सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले वह लड्डू गोपाल को लेकर आए थे, उसे वह बालक की तरह ही देखभाल करते हैं। पहली एक साल तक हर महीने लड्डू गोपाल का जन्मदिन मनाते थे। गुब्बारे लगाकर सजावट करते हुए केक भी काटते। बताया कि वह सुबह चार बजे से नौ और शाम को पांच से आठ बजे तक मंदिर में ही सेवाएं देते हैं।
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पुजारी के हाथों में लड्डू गोपाल
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को पट्टी करवाने के बाद पुजारी लड्डू गोपाल को लेकर मंदिर पहुंचे तो पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। पुजारी ने पोशाक हटाकर सभी को हाथ पर लगी पट्टी भी दिखाई। पड़ोसियों ने पुजारी की भक्ति की सराहना की। पड़ोसी भी उनको लेखा बाबा कहकर पुकारते हैं।
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लड्डू गोपाल की पट्टी करते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
लेख सिंह कुशवाहा की पत्नी गोमा देवी ने बताया कि पति समेत हमारा पूरा परिवार कान्हा जी का भक्त हैं। उनको भी हम अपने घर के सदस्य की तरह ही मानते हैं। घर में सभी बच्चों के लिए खानेपीने के सामान आता है, लड्डू गोपाल के लिए भी अलग से लेकर आते हैं और भोग लगाते हैं।
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आगरा: अस्पताल में लड्डू गोपाल के साथ पुजारी
- फोटो : अमर उजाला
बेटी नीलम कुमार ने बताया कि लड्डू गोपाल की सेवा में पूरा परिवार रहता है। पिताजी की अधिकतम समय पूजा-पाठ में ही गुजरता है। जन्माष्टमी पर तो परिवार में भवयता के साथ मनाया जाता है। आसपास के लोग भी इसमें शामिल होते हैं।