मथुरा में पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर खुदकुशी करने वाले किसान मनीष को लेकर नई जानकारी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मनीष को कुछ साल पहले जुए और शराब की लत लग गई थी, लेकिन करीब तीन माह से उनके व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखाई दिया था।
शाहपुर-हवेलीमेक माता मंदिर के तांत्रिक के संपर्क में आने के बाद मनीष ने जुए और शराब की लत छोड़ दी थी। वह तीन माह पहले तांत्रिक के संपर्क में आए थे। तांत्रिक के पिता करुआ बाबा ने बताया कि मनीष प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को मंदिर आते थे।
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एंबुलेंस से शवों को लेकर जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां होने वाले भंडारे में सहभागिता करते और प्रसादी वितरित कराते थे। तीन माह से लगातार मंदिर आने के बाद जुआ व शराब की बुरी आदतें छोड़ने के बाद वह भगतई की ओर मुड़ गए थे। हालांकि मनीष ने कभी कोई दुख नहीं बताया। वह हमेशा खुश रहते थे, लेकिन घटना के बाद पता चला कि वह दुखों के बोझ तले दबे थे।
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विलाप करते परिजन
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शव देखकर बोलीं एडीजी बहुत बुरा हुआ
खप्परपुर में हुई हृदय विदारक घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी बेहद गंभीर हैं। सभी शवों के पोस्टमार्टम गृह पर आने के बाद पहुंचीं एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने भी शवों को देखने की इच्छा जाहिर की। पोस्टमार्टम गृह के कर्मचारियों ने सभी के एक-एक कर शवों के चेहरों को दिखाए। शवों को देख एडीजी की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने देखकर कहा कि बहुत बुरा हुआ।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिलाधिकारी और एसएसपी भी पहुंचे पोस्टमार्टम गृह
आगरा से आए मंडलायुक्त और एडीजी के आने के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए। एडीजी के द्वारा पूछे गए सवालों के भी एक जबाव दिए। सभी ने खप्परपुर से आए लोगों को लोगों से बातचीत की। कई पहलुओं पर परिवार के बारे में पूछा। बच्चों की पढ़ाई, किसी से कोई दुश्मनी, कोई लेन देन का प्रकरण आदि बिंदुओं पर बात की।
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जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी
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कागजी दस्तावेजों ने कराई देर
देर शाम तक पोस्टमार्टम गृह पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का आना लगा रहा है। पंचनामा के दस्तावेज तैयार कराने में काफी समय लग गया। महावन थाना प्रभारी मौके पर अंत तक रुके रहे। जब चिकित्सक ने दस्तावेजों को देखा तो पैनल और वीडियोग्राफी की बात कही। इसके बाद फिर से पुलिस कर्मियों को अनुमति के लिए भेजा और जाकर कहीं कार्रवाई शुरू हुई।