मैनपुरी के किशनी के गांव भिटारा में भाजपा को वोट देने के विवाद में एक महिला को गोली मारने का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब बुलडोजर की राजनीति में उलझ गई है। आरोपी की जल्द तलाश को लेकर पुलिस जहां दबिश दे रही है, वहीं राजनीति करने वाले मामले को तूल देने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी जंग चल रही है। कोई आरोपी को सपा तो कोई भाजपा का समर्थक बताने में जुटा है।
थाना क्षेत्र के गांव भिटारा निवासी बालक राम की पत्नी रामदेवी रविवार की शाम पैर में छर्रा लगने की वजह से घायल हो गईं। उक्त मामले में पुलिस को जो तहरीर दी गई, उसके अनुसार भाजपा को वोट न दिए जाने के विवाद में बालक राम पर जानलेवा हुआ। गोली लगने से पत्नी घायल हो गई। गांव के रिंकू यादव व दो साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद से ही मामले में राजनीति शुरू हो गई। भाजपा के कई नेता पीड़ित परिवार से मिले और उन्हें न्याय दिलाने को लेकर एसपी का घेराव करने तक की चेतावनी दे डाली। पुलिस भी आरोपी की तलाश में दबिश देते हुए घर ढहाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची, लेकिन पैमाइश के चलते कार्रवाई टल गई।
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घर के बाहर खड़ी पुलिस
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बुलडोजर की इस राजनीति के बीच पुलिस उलझ कर रह गई है। पुलिस की जांच में मामला भाजपा को वोट डालने के विवाद का नहीं है, कई ग्रामीण भी इसे राजनीति से अलग बता रहे हैं। लेकिन मामले में राजनीति अब तूल पकड़ चुकी है।
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सोशल मीडिया
- फोटो : Social media
सोशल मीडिया पर भी भिटारा प्रकरण को लेकर जंग शुरू हो चुकी है। कोई रिंकू यादव को भाजपा का समर्थक होने का दावा कर रहा है तो कोई उसे सपा का बता रहा है। कस्बा निवासी लोगों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही बहस काफी रोचक है।
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किशनी थाना
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एक व्यक्ति जहां उसे भाजपा का बता रहा है, तो दूसरे का कहना है कि यदि वह भाजपा का है तो सपा का वोट क्यों डलवाया। गांव रहचंदा में एक भाजपा के वरिष्ठ नेता की मीटिंग भी क्यों कराई गई। सोशल मीडिया पर इसी तरह की बहस का सिलसिला कई व्हाट्सअप ग्रुपों पर भी चल रहा है।
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एसपी कमलेश दीक्षित
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आरोपी को सजा मिले, राजनीति हो बंद
गांव भिटारा प्रकरण को लेकर कुछ सभ्रांत लोगों का कहना है कि आरोपी को सजा मिले, इसका कोई भी विरोध नहीं करता, लेकिन निश्चित तौर पर इस पर राजनीति अब बंद होनी चाहिए। पुलिस जानलेवा हमला की धाराओं तहत ही कार्रवाई करेगी। वोट आदि के विवाद को लेकर कोई अन्य धारा तो ईजाद की नहीं जा सकती। इसलिए जो लोग मामले को तूल दे रहे हैं, वह आरोपी को सजा दिलाने पर ध्यान दें।