मुठभेड़ में ढेर पवन उर्फ कल्लू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग से जुड़ा हुआ था। जेल से छूटने के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के लिए कार्य करने लगा था। यह पूर्व में कई बड़ी वारदातों में वांछित था। एसटीएफ को मौके पर 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद हुई है। ये पिस्टल 2016 में एडीजे के पीएसओ से लूटी गई थी। इसने अपने दो चाचा की भी हत्या की थी।
एसटीएफ नोएडा के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा के मुताबिक पवन पर हत्या के चार समेत 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। दिसंबर 2020 में इसने अपने सगे चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दरअसल, इसके पिता संतराम की मौत के बाद चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र ने इसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लिया था। 2021 में हत्या के मामले में इस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित हुआ था। जेल के दौरान पवन का संपर्क हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से हो गया। बीते साल जेल से छूटने के बाद वह लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने लगा था।
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शूटर पवन उर्फ कल्लू
- फोटो : अमर उजाला
जेल में बना हिमांशु भाऊ गैंग का मोहरा
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जांच में सामने आया है कि जेल में रहने के दौरान पवन हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आ गया था। 2021 में हत्या के आरोप में दिल्ली से जेल गया था। वर्ष 2025 में जेल से छूटने के बाद उसने फिर से बड़े पैमाने पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था। वह दिल्ली और पश्चिमी यूपी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
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पुलिस से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद
मुठभेड़ में 10 साल पहले पुलिस से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद की गई है। इसे पवन ने वर्ष 2016 में थाना बिसरख (गौतमबुद्ध नगर) क्षेत्र से कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी थी। तब मोनू धीमन एडीजे की सुरक्षा में पीएसओ के रूप में तैनात थे।
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बदमाश की बाइक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लॉरेंस गैंग की तरह बना रहा था गैंग
पुलिस को जानकारी मिली है कि पवन लॉरेंस गैंग की तर्ज पर काम कर रहा था। आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर बेरोजगार और नए दबंग युवकों की तलाश करता था। उसने आगरा में अपना नेटवर्क बना रखा था। लालच देकर उसने कई कारोबारियों को धमकाया था। पुलिस अब उसके संपर्क में आए अपराधियों की तलाश कर रही है। डीसीपी वेस्ट और साइबर क्राइम प्रभारी आदित्य कुमार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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पुलिस मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
कारोबारी भाइयों से भी मांगी थी रंगदारी
पवन ने गौतमबुद्ध नगर के कारोबारी भाईयों को आगरा भ्रमण के दौरान पिस्टल के दम पर धमका कर 10 लाख की चौथ मांगी थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 31 दिसंबर को गौतमबुद्ध नगर के थाना दादरी निवासी कारोबारी भाई संदीप भाटी और उनके भाई सचिन भाटी ने ताजगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।