एटा में नगला प्रेमी में घर के ही चार लोगों की हत्या का आरोपी कमल सिंह जेल में गुमसुम है। चिकित्सक लगातार उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं। बैरक में वह किसी से बात नहीं कर रहा। कारागार पुलिस उस पर विशेष नजर रख रही है।
जिला कारागार अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार शाम लगभग 5:30 बजे कमल सिंह को जिला कारागार में लाया गया। उसे विशेष बैरक में रखा गया है। कारागार में आने के कुछ समय बाद उसे खाना खिलाया गया। इसके बाद चिकित्सक लगातार काउंसलिंग कर रहे हैं।
2 of 9
घटना के बाद घर में भावुक हालत में मृत गंगा सिंह के दामाद बालिस्टर सिंह (बीच में)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह जब से आया है गुमसुम है और किसी से बात नहीं कर रहा। उसकी हर हरकत पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके अलावा कारागार के पुलिसकर्मियों को आसपास रखा गया है ताकि किसी प्रकार की असामान्य गतिविधि होने पर सूचना दी जा सके और कमल सिंह को समझाया जा सके।
3 of 9
घटना के बाद सदमे की हालत में बैठे कमल सिंह को पानी पिलाकर ढांढ़स बंधाते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात भर रहा बेचैन, नहीं आई नींद
जिला कारागार अधीक्षक ने बताया कि कमल सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। लगता है कि इसी वजह से वह रात भर सोया नहीं है। मानसिक स्थिति का आकलन करते हुए काउंसलिंग कराई जा रही है।
4 of 9
घटना के बाद घर पहुंची तो हालात देखकर फफक-फफक कर रो पड़ी लक्ष्मी को चुप कराती महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फूफा के घर पहुंचे देवांश और लक्ष्मी, प्रशासन देगा मदद
दादा-दादी, मां और बहन के शव मुखाग्नि देने के बाद 12 वर्षीय देवांश व उसकी बड़ी बहन लक्ष्मी को पुलिस प्रशासन ने गांव लोहाखार पहुंचा दिया था। वहां से बुधवार को दोनों अपने फूफा बालिस्टर सिंह के अलीगंज रोड स्थित घर आ गए और खुद को सुरक्षित बताते हुए यहीं रहने की बात कही।उधर, देवांश और लक्ष्मी के पुनर्वास को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
5 of 9
घर के बाहर बदहवाश हालत में बैठा देवांश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह बुधवार को टीम के साथ गांव नगला प्रेमी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। लक्ष्मी व उसके फूफा से मुलाकात कर हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया।जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि नगला प्रेमी स्थित घटना स्थल पर पहुंचे तो मकान में ताला लगा हुआ था। यह देखकर आसपास के लोगों से जानकारी ली।