फिरोजाबाद के थाना पचोखरा के गांव इमलिया में शनिवार देर रात पुलिस की प्रताड़ना से दलित महिला की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया है। सीओ अभिषेक श्रीवास्तव की पूछताछ के दौरान मृतका की बेटी मोनिका व पुत्रवधू गुंजन ने बताया कि पुलिस कर्मियों से शारदा देवी ने किसी भी पुरुष के घर न होने की बात कही थी। बावजूद पुलिस जबरन घर में घुस आई। जेल से छूटे भाइयों के बारे में पूछताछ करते हुए मां शारदादेवी को गाली गलौज करते हुए धक्का मार दिया। जमीन पर गिरने के कुछ देर में ही उनकी मौत हो गई। घर पहुंचे, पिता ने डायल 112 को सूचना दी। पुलिस उनकी सांस चल रही है कहते हुए अपनी गाड़ी में डालकर फिरोजाबाद अस्पताल ले गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस के पहुंचने के बाद शनिवार देर रात फौरन सिंह की बेटी मोनिका की चीख सुनकर वे लोग पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों की टीम ने किया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
पुलिस प्रताड़ना से महिला की मौत: घर में नहीं हैं पुरुष..., कहने के बाद भी पुलिस घुस आई, मृतका की बेटी ने बताई पूरी कहानी
एसपी सिटी व सीओ ने शुरू की जांच
पुलिस की जांच के दौरान वृद्धा की मौत के मामले में मृतका के पति फौरन सिंह की तहरीर पर कैलाश उपाध्याय, उनके पुत्र दीपक, शिवाकांत व दो अन्य लोग एवं पचोखरा पुलिस के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है। मामले की एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र व पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर जांच की। उन्होंने घटना के दौरान मौजूद मृतका शारदादेवी की पुत्री मोनिका, पुत्रवधू गुंजन व अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर जांच बयान दर्ज किए।
फौरन सिंह की तबियत बिगड़ी
पुलिस की तस्दीक के दौरान हुई महिला की मौत के बाद रविवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचे मृतका के पति फौरन सिंह की हालत बिगड़ गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल उन्हें उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। दोपहर बाद पत्नी का पोस्टमार्टम होने के बाद फौरन सिंह को भी छुट्टी दे दी गई। घरवालों की मानें तो फौरन सिंह की तबीयत अभी भी खराब है, किंतु उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया है।
यह है विवाद की वजह
इमलिया निवासी फौरन सिंह आलू खुदाई ठेकेदारी का काम करता है। उसने कैलाश उपाध्याय के आलू की खुदाई ठेके पर करवाई थी। इसी के हिसाब किताब को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। कैलाश ने फौरन सिंह के चारों पुत्रों सहित एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पांच लोग जेल चल गए थे। जिनमें से तीन बेटे व एक अन्य शनिवार को जेल से छूटकर आए थे। बड़ा बेटा लायक सिंह अभी भी जेल में है।