आगरा के सिकंदरा तिराहे के पास सिकंदरा गेस्ट हाउस एंड रेस्टोरेंट के कमरा नंबर 121 में 38 वर्षीय महिला की हत्या के आरोपी को पुलिस ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला से प्रेम संबंध थे। मगर, वह अब किसी और से मोबाइल पर बात करती थी। उसके किसी और से संबंध का शक था। उसे मोबाइल गिफ्ट करने के बहाने होटल में बुलाया। इसके बाद बेल्ट से गला घोंटकर हत्या करके फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
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accused
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'प्रीति और मेरे दो साल से प्रेम संबंध थे। वह मुझसे 70 हजार रुपये ले चुकी थी, अब और मांग रही थी। मुझे यह भी पता चला कि उसने किसी और से भी दोस्त कर ली है, इसलिए उसे मोबाइल उपहार में देने के बहाने गेस्ट हाउस में बुलाया और बेल्ट से गला घोंटकर ठिकाने लगा दिया। मुझे मालूम नहीं था कि गेस्ट हाउस में कैमरे लगे हैं, वरना कहीं और हत्या करता...। पुलिस को दिया यह बयान है प्रीति की हत्या के आरोप में पकड़े गए लखन का। पुलिस का दावा है कि फुटेज से उसके चेहरे का मिलान हो गया है।
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आरोपी लखन
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि बाईंपुर निवासी प्रीति का पति लिखेंद्र बघेल टेंपो चालक है। उनके तीन बच्चे हैं। प्रीति एक फैक्टरी में काम करती थी। नगला बूढ़ी, थाना न्यू आगरा निवासी आरोपी लखन (19) बाईंपुर स्थित फैक्टरी में बैग बनाने का काम करता था। दोनों में जानपहचान हुई जो पहले दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। दोनों अक्सर सिकंदरा के होटलों और गेस्ट हाउस में मिलते थे।
पहले हाथ से फिर बेल्ट से घोंटा गला
बकौल एसपी सिटी, आरोपी ने बताया है कि गेस्ट हाउस में प्रीति ने कहा कि दिखाओ, कौन सा मोबाइल लाए हो? उसने कहा कि आंख बंद करो, अभी दिखाता हूं। जैसे ही उसने आंख बंद कीं, वैसे ही हाथों से उसका गला घोंट दिया। कहीं वह जीवित न रह जाए, इस आशंका में बेल्ट से भी गला घोंट दिया।
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जांच करते एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद
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गेस्ट हाउस कर्मचारी ने खुद ही लगाई फर्जी आईडी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि गेस्ट हाउस कर्मियों ने जानकारी दी कि महिला के साथ आए युवक ने रायबरेली के फुर्सतगंज निवासी संदीप गुप्ता के नाम की आईडी लगाई। यह आईडी फर्जी थी। आरोपी लखन को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने आईडी के बारे में पूछताछ की। उसने बताया कि उसने बिना आईडी के कमरा लिया था। वह हर बार यही करता था। उससे पूछा कि फर्जी आईडी कैसे लगी? तो उसने कहा कि यह गेस्ट हाउस कर्मी ने लगाई होगी। सिकंदरा के होटल और गेस्ट हाउस में यह आम बात है। जो लोग आगरा से बाहर के होते हैं, उनसे आईडी ली जाती है। इसी की कई फोटोकॉपी करा लेते हैं। आगरा के युवक-युवतियां इन गेस्ट हाउस और होटलों में जाते ही इसलिए हैं, क्योंकि यहां आईडी नहीं मांगी जाती है। कर्मचारी बुकिंग के साथ बाहर के लोगों की आईडी की कॉपी लगा देते हैं।
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आरोपी लखन
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चली गई थी नौकरी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी लखन ने बताया कि प्रीति पहले टिफिन सर्विस का काम करती थी। उसने भी उससे टिफिन लगाया था। वह अक्सर होटल में मिलते थे। प्रीति बात-बात पर रुपयों की मांग करती थी। लॉकडाउन के बाद से उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। पांच दिन पहले नौकरी भी चली गई थी।