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Flood in Chambal: चंबल का जलस्तर घटने लगा, तो सामने आईं तबाही की ये दर्दनाक तस्वीरें
Sun, 28 Aug 2022 10:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 28 Aug 2022 10:15 AM IST
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चंबल की बाढ़ ने मचाई तबाही
- फोटो : अमर उजाला
चंबल की लहरें अब शांत होने लगी हैं। जलस्तर लगातार घट रहा है। शनिवार सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक ठीक 1 मीटर जलस्तर गिर गया है। तो वहीं रविवार सुबह जलस्तर 127 मीटर पंहुचा, जिससे राहत तो है, लेकिन लोगों की मुसीबतें अभी कम नहीं हुई हैं। खतरे के निशान से जलस्तर नीचे पहुंचा, तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी पानी कम होना शुरू हो गया। ऐसे में जब लोग घरों की ओर लौटे, तो बाढ़ से हुई तबाही का मंजर देख आंसू आ गए। किसी का आशियाना बिखरने से बेघर हो गया, तो कोई दाने-दाने को मोहताज है। बाढ़ से 20 गांव तबाह हो गए हैं।
पानी उतरने के बाद दिखा तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के पानी और अंधेरे में डूबे 20 गांव
बिजली कटी होने से प्रभावित गांव अंधेरे और पानी में डूबे हैं। बृहस्पतिवार को चंबल नदी 137.80 मीटर तक पहुंच गई थी। 20 गांवों पानी में डूब गए। लोगों को जान बचाने के लाले पड़ गए थे। शुक्रवार से जल स्तर घटने लगा है। शनिवार को यह 132 मीटर रह गया। गुढ़ा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढै़या आदि गांवों में एसडीआरएफ टीम 103 जिंदगियां बचाने के बाद वापस लौट गई है। जल पुलिस अभी भी डेरा डाले है।
सड़कें बनी दलदल
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ से बाह के 20 गांवों मऊ की मढै़या, गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, डगोरा, कछियारा, रेहा, उमरैठापुरा, भगवान पुरा, पुरा डाल, पुरा शिवलाल, बीच का पुरा, क्योरी, कुंवर खेड़ा, धांधू पुरा, सिमराई, जेबरा, जगतू पुरा के घर, खेत, गलियां डूबने से तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। छह गांवों गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, भगवान पुरा में स्टीमर से लोगों को निकाला जा रहा है।
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फूलन देवी और उनकी बेटियां
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ का पानी पी रहे टीले पर बसे परिवार
भगवानपुरा गांव के 100 घर डूब गए हैं। करीब 700 लोगों ने चंबल के टीले पर शरण ले रखी है। यहां पर पेयजल का कोई इंतजाम नहीं है। बाढ़ के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। पास के ही खादर में मंजू अपनी बच्ची को नहला रही थी। पूछने पर बोली कि पानी का कोई इंतजाम नहीं है। बाढ़ के पानी में ही नहाते धोते है। इसी पानी को छानकर पी लेते हैं। सरस्वती ने बताया कि पानी कसैला है।
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पानी उतरने के बाद दिखा तबाही का मंजर
- फोटो : अमर उजाला