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इटावा लायन सफारी की 'रौनक' बढ़ाएंगे काले हिरन, अकबर टूम से होंगे शिफ्ट
Wed, 30 Oct 2019 06:19 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 30 Oct 2019 06:19 PM IST
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अकबर टूम में काले हिरन
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा स्थित अकबर टूम में काले हिरनों का कुनबा कम होता जा रहा है। कभी वायरस तो कभी आपस में भिड़ कर मर रहे हैं। वर्तमान में इनकी संख्या 80 से भी कम रह गई है। जबकि दस साल पहले 120 से अधिक थे। हिरनों की संख्या के हिसाब से स्मारक में जगह भी कम है। अगर इन्हें समय रहते दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाता तो कम होने की बजाय हिरनों के कुनबे को बढ़ाया जा सकता था।
अकबर टूम
- फोटो : अमर उजाला
काला हिरन शेड्यूल वन (प्रथम श्रेणी) का जीव है जोकि लोगों के बीच नहीं रह सकता। इसे भीड़भाड़ से दूर चिड़ियाघर या जंगल में ही रखा जा सकता है। मगर, अकबर टूम में हिरन पर्यटकों के बीच रहने को मजबूर हैं। इन्हें यहां से स्थानांतरित करने के लिए 10 साल से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इन्हें सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंचाया जा सका है।
इटावा लायन सफारी
- फोटो : अमर उजाला
हिरनों की इस परेशानी को देखते हुए दो साल पहले हाईकोर्ट इन्हें किसी सफारी में छोड़ने के संबंध में निर्देशित कर चुका है। पिछले दिनों इन्हें इटावा स्थित लायन सफारी में शिफ्ट करने के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) की अनुमति भी मिल चुकी है। फिर भी अभी इन्हें शिफ्ट नहीं किया गया है।
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अकबर टूम में मरा मिला काला हिरन
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2007-08 में अकबर टूम में हिरनों के बीच वायरस फैलने से 35 से 40 के बीच काले हिरन मरे थे। बाद में सियारों ने भी कुछ हिरनों को अपना शिकार बनाया। अकबर टूम में हिरनों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है। पिछले दो महीने में चार हिरन मर चुके हैं। इसी सप्ताह दो हिरन मर गए हैं।
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अकबर टूम में हिरन
- फोटो : अमर उजाला
अकबर टूम स्मारक का क्षेत्रफल लगभग 40 एकड़ है। जोकि वर्तमान में हिरनों के लिए मुफीद नहीं है। मानकों के अनुसार, इतने क्षेत्रफल में सिर्फ 20 से 25 हिरन ही रह सकते हैं। जबकि इस समय यहां 80 हिरन हैं। बता दें कि लगभग एक शताब्दी पूर्व ब्रिटिश समय में काले हिरनों का एक जोड़ा अकबर टूम में लगाया गया था। इसके बाद इनकी संख्या लगातार बढ़ती गई थी।