आगरा की भीम नगरी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित करने पर आयोजन समिति में तलवारें खिंच गई हैं। भीम नगरी केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने केजरीवाल के विरोध का एलान किया है। उनका कहना है कि केजरीवाल दलित हितैषी नहीं हैं। मुख्य अतिथि के रूप में उन्हें कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका विरोध होगा।
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kejriwal
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भीम नगरी केंद्रीय समिति के कुछ पदाधिकारियों ने 15 अप्रैल से शुरू होने वाली भीम नगरी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है। इस पर आयोजन समिति में ही रार हो गई। समिति के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी का कहना है कि केजरीवाल ने कभी दलितों को आरक्षण या डॉ. आंबेडकर का समर्थन नहीं किया है। वह दलित विरोधी मानसिकता के हैं।
ऐसे में उन्हें बाबा साहेब के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भीम नगरी में मंच पर नहीं चढ़ने दिया जाएगा। सोनी का कहना है कि केजरीवाल के स्थान पर किसी भी दलित चिंतक, प्रोफेसर या किसी अन्य पार्टी के दलित नेता को आमंत्रित किया जा सकता था। ऐसे में उनका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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Ambedkar Jayanti
- फोटो : demo pic
जिला प्रशासन को भी कमेटी के विरोध में आए सदस्य इस बाबत पत्र लिख रहे हैं, ताकि प्रशासन को इसकी जानकारी हो जाए। उन्होंने बताया कि कमेटी में उनके साथ मांगेलाल, शिव कुमार समी, राकेश कर्दम, हरेंद्र सिंह समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल हैं, जोकि इस फैसले के खिलाफ हैं।
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BR Ambedkar (file photo)
- फोटो : amar ujala
भीम नगरी के उद्घाटन के लिए आयोजन समिति ने सभी दलों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, भाजपा के नेताओं के साथ ही अन्य लोग हैं। इनमें से केवल अरविंद केजरीवाल का ही कार्यक्रम मिल सका। ऐसे में सभी दलों के नेताओं को सामाजिक आयोजन में आमंत्रित किया गया है।