घर या दुकान किराए पर देना आजकल कमाई का एक आम तरीका है। हर महीने किराया आता रहे, इसके लिए लोग अपनी खाली प्रॉपर्टी किराए पर दे देते हैं। आमतौर पर मकान मालिक किराएदार की पहचान, किराया और रेंट एग्रीमेंट जैसी जरूरी चीजों पर ध्यान देते हैं। लेकिन सिर्फ इतना करना ही हमेशा पर्याप्त नहीं होता। किराएदार आपके पते का इस्तेमाल किस काम के लिए कर रहा है, इस पर भी नजर रखना जरूरी है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी खबर के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
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रेंट एग्रीमेंट बनवाकर भी फंस सकते हैं आप
- फोटो : Amar Ujala
धोखाधड़ी करने वाले किराएदारों से रहे सावधान
दरअसल, धोखाधड़ी करने वाले कुछ लोग बाकायदा किराएदार बनकर मकान मालिक का भरोसा जीतते हैं। वे रेंट एग्रीमेंट पर साइन करते हैं और जरूरी दस्तावेज भी देते हैं। इतना ही नहीं, शुरुआत में एक महीने का एडवांस किराया देकर भी मकान मालिक को भरोसा दिला सकते हैं कि सब कुछ सामान्य है। कुछ मामलों में ऐसे किराएदार करीब 20 से 25 दिन तक प्रॉपर्टी में रहते हैं और फिर अचानक कमरा या दुकान खाली करके चले जाते हैं। यहां तक तो मकान मालिक को किसी बड़ी गड़बड़ी का अंदाजा भी नहीं होता। असली परेशानी इसके बाद शुरू हो सकती है।
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रेंट एग्रीमेंट बनवाकर भी फंस सकते हैं आप
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आपके पते से करा सकते हैं फर्जी रजिस्ट्रेशन
ठगी करने वाले आपके घर या दुकान के पते से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी फर्म या कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा उसी पते पर फर्जी जीएसटी नंबर भी लिया जा सकता है। यानी जिस प्रॉपर्टी को आपने किराए पर दिया था, उसका पता किसी दूसरे कारोबार के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
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रेंट एग्रीमेंट बनवाकर भी फंस सकते हैं आप
- फोटो : Adobe Stock
टैक्स चोरी कर गायब भी हो सकते हैं
इसके बाद ठग फर्जी फर्म के नाम पर टैक्स चोरी करके गायब हो सकते हैं। परेशानी यह होती है कि रिकॉर्ड में कारोबारी पता आपका घर या दुकान ही दर्ज रहता है। ऐसे में जीएसटी रिकवरी या टैक्स से जुड़ा नोटिस आपके पते पर पहुंच सकता है और आपको बेवजह जवाब देने या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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रेंट एग्रीमेंट बनवाकर भी फंस सकते हैं आप
- फोटो : Freepik
किराएदार को घर देने से पहले ये सावधानी जरूरी
प्रॉपर्टी किराए पर देने से पहले किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। उसके जरूरी दस्तावेजों की भी अच्छी तरह जांच और पुष्टि करें। इसके अलावा रेंट एग्रीमेंट में साफ शब्दों में यह शर्त जरूर रखें कि मकान मालिक की अनुमति के बिना प्रॉपर्टी के पते का इस्तेमाल किसी कंपनी, फर्म या जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं किया जा सकता। इससे आगे होने वाली परेशानी का जोखिम कम किया जा सकता है।
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