भारत सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एकीकृत करके 4 नए लेबर कोड बनाए हैं। इन 4 नए लेबर कोड का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल बनाना, मजदूरों को सुरक्षा देना और उद्योंगों के लिए कंप्लायंस को आसान बनाना है। ये 4 कोड 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हो चुके हैं। चरणबद्ध ढंग से नए श्रम कानूनों के विभिन्न प्रावधानों को लागू किया जा रहा है।
New Labour Law: कर्मचारी ध्यान दें, नौकरी से निकालने पर कर्मचारी को मिलेगी इतने दिनों की एक्स्ट्रा सैलरी
ये 4 कोड 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हो चुके हैं। चरणबद्ध ढंग से नए श्रम कानूनों के विभिन्न प्रावधानों को लागू किया जा रहा है।
नौकरी के खत्म होने के 45 दिनों के भीतर इसे कर्मचारी के बैंक अकाउंट में जमा करना होगा। ये प्रावधान औद्योगिक संबंध संहिता 2020 का हिस्सा है। इसके जरिए कर्मचारियों को नया कौशल सीखकर दोबारा रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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इस प्रावधान के लागू होने के बाद कर्मचारियों को अचानक नौकरी जाते ही पैसों की दिक्कतें नहीं होंगी। 15 दिनों की जो एक्स्ट्रा सैलरी और मुआवजा मिलेगा वो निकट भविष्य में आने वाली आर्थिक दिक्कतों से बचाने का काम करेगा।
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इस आर्थिक मदद से व्यक्ति को नई नौकरी खोजने में मदद मिलेगी। इस प्रावधान के लागू होने के बाद कंपनियों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। कंपनियां अब अपने मुताबिक समय लेकर फुल एंड फाइनल रोक नहीं सकेंगी, उनको 45 दिनों की समयसीमा दी जाएगी।
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नियमों के स्पष्ट होने से प्रक्रिया अब सरल और पारदर्शी होगी। देश में तकनीकी बदलाव, आर्थिक अनिश्चितताओं और कई दूसरे कारणों की वजह से नौकरी से निकाले जाने का खतरा बना रहता है। इस कारण सरकार का यह नया फैसला कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करने का काम करेगा।
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