Indian Railways Interesting Facts: भारतीय रेल नेटवर्क की गिनती दुनिया के चौथे बड़े रेल नेटवर्क में की जाती है। भारतीय रेलवे सार्वजनिक परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। यही एक बड़ी वजह है, जिसके चलते भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। देश की अर्थव्यवस्था में भारतीय रेलवे का एक बहुत बड़ा योगदान है। यात्रियों को ट्रेन में सफर करते समय किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसी को देखते हुए कई सुविधाओं को शामिल किया गया है। अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हैं। ऐसे में आपने ट्रेन में यात्रा करते समय कई स्टेशनों के नाम के आगे जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनल को लिखा जरूर देखा होगा। वहीं क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि आखिर ट्रेन स्टेशनों के नाम के आगे जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनल क्यों लिखा जाता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
Indian Railways: क्या आप जानते हैं ट्रेन स्टेशनों के नाम के आगे क्यों लिखा जाता है जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनल?
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जंक्शन
अगर किसी स्टेशन से कम से कम तीन रूट गुजर रहे हैं। ऐसे में उस स्टेशन को जंक्शन कहा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मथुरा सबसे अधिक रूट वाला जंक्शन है। यहां कुल 7 रूट हैं।
सेंट्रल
सेंट्रल रेलवे स्टेशन किसी भी शहर का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन होता है। सेंट्रल रेलवे स्टेशन आकार में काफी बड़े होते हैं। अगर किसी राज्य में कई सारे स्टेशन हैं। ऐसे में यह जरूरी नहीं कि वहां पर सेंट्रल स्टेशन हो।
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वहीं अगर भारत में सेंट्रल स्टेशनों की बात करें, तो देश में कुल मिलाकर 5 सेंट्रल स्टेशन हैं। इनमें त्रिवेंद्रम सेंट्रल, कानपुर सेंट्रल, मैंगलोर सेंट्रल, मुंबई सेंट्रल और चेन्नई सेंट्रल शामिल हैं।
टर्मिनल
वह स्टेशन जहां पर रेलवे ट्रैक समाप्त हो जाता है। उनको टर्मिनल स्टेशन कहा जाता है। ऐसे में इन स्टेशनों के आगे ट्रेन नहीं जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनल और लोकमान्य तिलक स्टेशन की गिनती देश के बड़े टर्मिनल स्टेशनों में की जाती है।