आजकल ज्यादातर जरूरी कागज फोन में ही संभालकर रख लिए जाते हैं। बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट भी इनमें शामिल है। डॉक्टर की पर्ची, ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट, अल्ट्रासाउंड, वैक्सीनेशन रिकॉर्ड या किसी दूसरी जांच की रिपोर्ट जरूरत पड़ने पर तुरंत चाहिए होती है। ऐसे में अगर ये सभी फाइलें फोन की गैलरी या डाउनलोड फोल्डर में इधर-उधर पड़ी हों तो सही रिपोर्ट ढूंढने में काफी समय लग सकता है। तो आइए जानते हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट फोन में रखती हैं? डिजिटल फोल्डर ऐसे बनाएं कि जरूरत पर तुरंत मिल जाए
Child’s Medical Reports: बच्चे की जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची और वैक्सीनेशन से जुड़े कागज फोन में रखने से जरूरत के समय इन्हें ढूंढना आसान हो जाता है। बस जरूरी है कि सभी फाइलों को सही तरीके से अलग-अलग फोल्डर में रखा जाए।
ऐसे बनाएं बच्चे का अलग फोल्डर
सबसे पहले फोन में बच्चे के नाम से एक अलग फोल्डर बना लें। इसमें बच्चे से जुड़ी मेडिकल फाइलें ही रखें। इससे आपकी अपनी रिपोर्ट और बच्चे की रिपोर्ट आपस में मिक्स नहीं होंगी। इसके अंदर अलग-अलग फोल्डर भी बनाए जा सकते हैं। जैसे डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट, वैक्सीनेशन और दवाओं से जुड़ी जानकारी। अगर बच्चे की रिपोर्ट ज्यादा हैं तो हर तरह की रिपोर्ट के लिए अलग फोल्डर रखना और भी आसान रहेगा।
फाइल का नाम सही रखें
सिर्फ कैमरे से खींची फोटो को वैसे ही सेव करने के बजाय फाइल का नाम बदल दें। उदाहरण के लिए रिपोर्ट की जगह बच्चे का नाम और रिपोर्ट का प्रकार लिख सकते हैं। इससे बाद में फोन में सर्च करके फाइल जल्दी मिल जाएगी।
पुरानी और नई रिपोर्ट अलग रखें
बच्चे की पुरानी रिपोर्ट को नई रिपोर्ट के साथ रखने से जरूरत के समय सही कागज ढूंढने में परेशानी हो सकती है। इसलिए पुराने रिकॉर्ड के लिए अलग फोल्डर बनाया जा सकता है। नई रिपोर्ट को अलग जगह रखने से डॉक्टर को हाल की रिपोर्ट दिखाना आसान रहेगा।
रिपोर्ट का बैकअप भी रखें
सिर्फ फोन में रिपोर्ट रखना हमेशा सुविधाजनक नहीं होता। फोन खराब होने या फाइल गलती से डिलीट होने पर परेशानी हो सकती है। इसलिए जरूरी रिपोर्ट की एक कॉपी किसी भरोसेमंद क्लाउड स्टोरेज या दूसरे सुरक्षित स्थान पर रख सकती हैं।
निजी जानकारी का रखें ध्यान
मेडिकल रिपोर्ट में बच्चे की निजी जानकारी होती है। इसलिए इन्हें किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। रिपोर्ट भेजते समय यह भी देख लें कि सही फाइल ही भेजी जा रही है। फोन में स्क्रीन लॉक और जरूरी सुरक्षा फीचर चालू रखना भी अच्छा रहता है। इस तरह फोन में बच्चे का मेडिकल रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से डॉक्टर के पास जाते समय पुरानी रिपोर्ट ढूंढने में समय बर्बाद नहीं होगा और जरूरत पड़ने पर जरूरी जानकारी जल्दी मिल जाएगी।
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