Astronaut Dharti Par Wapas Kaise Aate Hain: आज भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन सुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर वापसी की। शुभांशु अपने तीन साथियों के साथ एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए थे। ऐसे में ये सभी सोमवार शाम भारतीय समयानुसार 4 बजकर 45 मिनट (10 मिनटी की देरी से) पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती के लिए रवाना हुए थे।
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Shubhanshu Return: अंतरिक्ष से धरती पर लौट आए शुभांशु, जानें कैसा होता है ये पूरा प्रोसेस और क्या होता है खतरा
Tue, 15 Jul 2025 05:02 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Tue, 15 Jul 2025 05:02 PM IST
सार
Shubhanshu Shukla Earth Return: आज का दिन पूरी दुनिया ही नहीं बल्कि, भारत के लिए भी बेहद खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक्सिओम-4 मिशन का स्पेसक्राफ्ट ड्रैगन शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम को लेकर धरती पर लौट आया है।
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एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से कैसे वापस आते हैं?
- फोटो : Amar Ujala
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एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से कैसे वापस आते हैं?
- फोटो : X @NASA / SpaceX
अंतरिक्ष से पृथ्वी पर वापसी कोई आसान काम नहीं
स्टेप 1
- अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने के लिए काफी सावधानीपूर्वक एक नियोजित प्रक्रिया को अपनाना पड़ता है। वापस आने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को एक विशेष अंतरिक्ष यान में प्रवेश करना होता है जिसे एस.एस.एस कहा जाता है। जैसे, शुभांशु जिस यान से वापस आ रहे हैं उसका नाम ड्रैगन है। इसमें एक कैप्सूल होता है जो पृथ्वी में प्रवेश करते हुए यान से अलग हो जाता है।
एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से कैसे वापस आते हैं? (ISS की सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI / Reuters
स्टेप 2
- अब जब कैप्सूल अलग हो जाता है तो ये पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है। पर असली चुनौती यहीं पर शुरू होती है क्योंकि यहां पर घर्षण के कारण तापमान बहुत ही अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में कैप्सूल को सुरक्षित रखती है इसमें लगी हीट शील्ड। यहां पर कैप्सूल बड़ी तेजी से आगे बढ़ता है जिसके कारण कई दिक्कतें आने का खतरा रहता है।
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एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से कैसे वापस आते हैं?
- फोटो : Adobe Stock
स्टेप 3
- अब जब ये कैप्सूल तेजी से धरती की तरफ बढ़ रहा होता है तो चुनौती होती है इसकी स्पीड कम करने की। इसके लिए पैराशूट का इस्तेमाल किया जाता है जिससे इसकी गति को धीमा किया जाता है। ये पैराशूट काफी बड़े होते हैं, ताकि तय अनुसार कैप्सूल की स्पीड को कम किया जा सके। कैप्सूल को समुद्र में उतारा जाता है जिसे स्प्लैशडाउन कहा जाता है। शुभांशु जिस कैप्सूल से धरती पर आए, वो कैलिफोर्निया के समुद्री तट पर उतरा।
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एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से कैसे वापस आते हैं?
- फोटो : ANI
स्टेप 4
- जब एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष से धरती पर लौट आते हैं, तो उन्हें कैप्सूल से बाहर निकाला जाता है और फिर उन्हें कुछ दिनों के लिए डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है, ताकि उनका मेडिकल चेकअप किया जा सके। स्पेस से लौटने के बाद शुभांशु और उनकी टीम को भी 7 दिनों तक पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में ढलने के लिए पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होगा।