Fake Websites: फर्जी वेबसाइट्स बड़ी आसानी से लीक कर सकती हैं आपका पर्सनल डेटा, जानिए इन्हें पहचानने के 4 सरल तरीके

आज के डिजिटल जमाने में लोग अपना ज्यादातर काम ऑनलाइन कर रहे हैं। डाटा ट्रांसफर या रिसीव करना हो या अन्य किसी तरह का वेरिफिकेशन करना हो सबकुछ ऑनलाइन ही हो जा रहा है। इसके लिए लोगों को अब सर्विस सेंटर जाकर घंटों लाइन नहीं लगाना पड़ रहा है। ऑनलाइन फॉर्म भरते समय हम अपनी कई निजी जानकारी ऑनलाइन अपलोड कर देते हैं। जैसे कि पैन कार्ड की डिटेल या फोटो आदि। एक तरफ डिजिटलिकरण ने हमारे काम को आसान बना दिया है। वहीं इसकी वजह से धोखाधड़ी के मामले भी बढ़े हैं। आजकल इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट की भरमार पड़ी है। ऐसे में किसी भी तरह का फॉर्म भरने से पहले अगर वेबसाइट की जांच ना की जाए तो हमारी जानकारी का गलत उपयोग भी हो सकता है। इसलिए आज हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें फॉलो करके पता कर सकेंगे कि आप जिस वेबसाइट पर अपनी जानकारी उपलोड कर रहे हैं वो फर्जी है या सही। चलिए जानते हैं...

यूआरएल को ध्यान से चेक करें
- सबसे पहले तो यूआरएल (URL) को ध्यान से चेक करें। सिर्फ "HTTPS" लिखा होना या फिर पैड लॉक का साइन होना ही काफी नहीं है। कई बार नकली वेबसाइट असली दिखने के लिए कुछ अतिरिक्त शब्द या सिंबल उपयोग करते हैं। ये आसानी से समझ में नहीं आते, इसलिए जरूरी है कि पूरी वेबसाइट को आप ध्यान से पढ़ें।

कनेक्शन टाइप चेक करें
- इसे चेक करने के लिए ध्यान से देखें कि शुरुआत में "HTTP'" लिखा है या फिर "HTTPS"। दरअसल "HTTPS" साइट सिक्योर साइट होती हैं। वहीं "HTTP" वेबसाइट ऑन डिमांड कनेक्शन बनाती हैं, लेकिन ऐसी वेबसाइट आपके कनेक्शन को सुरक्षित करने में समय नहीं लेती हैं, जिसकी वजह से आपका डाटा सेफ नहीं रहता।