खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, एयर प्यूरिफायर खरीदते समय इन बातों का रखें ख्याल

एयर प्यूरिफायर प्रदूषित हवा को शुद्ध करता है। वातावरण में मौजूद धूल, धुआं, जहरीली गैसें, जानवरों के बाल, बैक्टीरिया, वायरस आदि हवा के जरिए हमारे शरीर में चले जाते हैं और हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावित करते हैं। एयर प्यूरिफायर के माध्यम से हवा में मौजूद प्रदूषित तत्व फिल्टर हो जाते हैं। कोरोनाकाल में तो बैक्टीरिया से अधिक बचने की जरूरत है। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि एयर प्यूरिफायर खरीदते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। तो आइए जानते हैं...

एच.ई.पी.ए फिल्टर्स
जब से बाजार में एयर प्यूरिफायर आए हैं, तब से हाई एफिसिएंसी पार्टिकुलेट एयर (एच.ई.पी.ए) फिल्टर्स वाले प्यूरिफायर खरीदने की सलाह दी जाती है। इस तकनीक पर काम करने वाले एयर फिल्टर्स हवा में मौजूद 99.97 फीसदी प्रदूषित तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता रखते हैं। एच.ई.पी.ए फिल्टर वाले प्यूरिफायर में से होकर गुजरने वाली हवा बार-बार साफ होती रहती है। कुछ ब्रांड एच.ई.पी.ए फिल्टर्स के साथ अल्ट्राफाउइन पार्टिकल फिल्टर भी देते हैं। हमेशा ऐसा प्यूरिफायर चुनिए, जिसमें एंटी बैक्टीरियल कोटिंग हो। इसके अलावा कुछ एयर प्यूरिफायर मॉडल में वॉशेबल प्री फिल्टर मौजूद होता है। इसलिए ऐसा एयर प्यूरिफायर चुनें, जिसमें वॉशेबल प्री फिल्टर हो। यह एयर प्यूरिफायर की लाइफ को बढ़ाता है।

सर्टिफिकेशन
एयर प्यूरिफायर में दो स्टैंडर्ड होते हैं। इसमें पहला अमेरिकन ‘द एसोसिएशन ऑफ होम एप्लायंस मैन्युफैक्चरर’ (ए.एच.ओ.एस.) सर्टिफिकेशन है और दूसरा चाइनीज ‘GB/T 1880’ सर्टिफिकेशन है। भारत में मौजूद एयर प्यूरिफायर्स में ये दोनों सर्टिफिकेशंस बहुत कम मिलते हैं। ये दोनों सर्टिफिकेट एयर प्यूरिफायर के मॉडल के बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए होते हैं। (ए.एच.ओ.एस.) वेरिफाई किए गए ब्रांड्स में ब्लूएयर, बॉस, हनीवेल, एलजी, फिलिप्स और व्हर्लपूल आदि के अधिकतर एयर प्यूरिफायर हैं। शायोमी जैसे कुछ ब्रांड GB/T 18801 एयर प्यूरिफायर स्टैंडर्ड को ही फॉलो करते हैं।
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