कोरोना काल के तीन महीने में बिके 34 लाख कंप्यूटर, टूटा सात सालों की बिक्री का रिकॉर्ड

कोरोना काल के दौरान पूरी दुनिया में घर से काम करने का ट्रेंड शुरू हुआ। गूगल और ट्विटर जैसी कई कंपनियों ने तो हमेशा के लिए वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा दे दी है। कोरोना महामारी ने जहां कई दुकानों में ताले डलवा दिए तो वहीं कई दुकानदारों ने इस आपदा में नए रिकॉर्ड कायम कर लिए। दरअसल वर्क फ्राम होम के चलते लोगों को इस दौरान अगर सबसे ज्यादा जरुरत थी तो कंप्यूटर्स और लैपटॉप की। दूसरी ओर स्कूल और कॉलेजों का भी यही हाल रहा, इसलिए बच्चों की पूरी पढ़ाई ऑनलाइन क्लासेज में ही गुजर रही है।
इन दो बड़ी वजहों ने भारत के पर्सनल कंप्यूटर मार्केट (पीसी) की बिक्री को आसमान तक पहुंचा दिया। यही वजह रही कि जुलाई-सितंबर के दौरान भारत में पर्सनल कंप्यूटर की बिक्री 34 लाख यूनिट रही, जो कि 2013 के बाद से सबसे ज्यादा है। आईडीसी के डाटा के मुताबिक हालांकि कमर्शियल सेगमेंट में बहुत ही कम सरकारी और एज्यूकेशनल प्रोजेक्ट्स थे, जबकि कंज्यूमर सेगमेंट में जुलाई सितंबर तिमाही के दौरान रिकॉर्ड तोड़ 20 लाख कंप्यूटर बेचे गए।
पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के दौरान ही डेस्कटॉप, नोटबुक्स और वर्क स्टेशन की डिमांड ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज दर्ज हुई थी, क्योंकि कंपनियों ने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटर्स की खरीदारी की थी। दूसरी तिमाही में ये जारी रहा और सालाना आधार पर बिक्री 105 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ी।
आईडीसी इंडिया के मुताबिक 'स्कूल और कॉलेज ने ऑनलाइन क्लासेज जारी रखीं, जिसकी वजह से नोटबुक्स की डिमांड में जबरदस्त तेजी रही, जिसमें बड़े शहरों का हिस्सा ज्यादा था। नोटबुक पीसी की डिमांड सप्लाई से ज्यादा रही है, एप्पल की बिक्री भी 6. सालाना आधार पर 19.4 फीसदी बढ़ी है, जो कि भारत में उसका सबसे
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