काम की बात: आधार पर जेंडर लिखने में गड़बड़ी हुई तो बार-बार नहीं हो सकता सुधार, जान लीजिए नियम

आधार, पैन या राशन, कोई भी कार्ड बनवाने से पहले एक बार अच्छे से जरूर देख लेना चाहिए कि फॉर्म में कोई गड़बड़ी तो नहीं है, क्योंकि गड़बड़ी हो जाने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आधार कार्ड की अगर बात करें तो इसे बनवाना तो बेहद ही आसान है, लेकिन कई बार लोग नाम, उम्र आदि गलत लिखवा देते हैं, जिसके कारण बाद में चलकर उनके सामने कई परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। कई बार तो लोगों को जेंडर (लिंग) लिखने में भी गड़बड़ी हो जाती है। क्या आप जानते हैं कि आधार में अगर जेंडर गलत लिखा जाए तो उसे सुधरवाना कितना मुश्किल होता है और इससे जुड़े क्या नियम हैं? इसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे। यूआईडीएआई कहता है कि जेंडर लिखने में अगर गड़बड़ी हो जाए तो उसे सुधारने का बस एक ही मौका मिलता है। इसलिए जेंडर का कॉलम हमेशा सावधानी के साथ ही भरना चाहिए।

दरअसल, कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि आप तो आधार के फॉर्म में सबकुछ सही-सही भरते हैं, लेकिन आधार सेंटर वाले उसमें गड़बड़ी कर देते हैं। अब इस गलती का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता है। अब जेंडर लिखने में हुई गड़बड़ी को आप एक बार तो सुधरवा सकते हैं, लेकिन उसके बाद भी अगर गलती हो जाए तो फिर उसमें सुधार मुश्किल हो जाता है।

अगर आप ऑनलाइन दूसरी बार जेंडर में सुधार करने के लिए वेबसाइट ओपन करेंगे तो उसमें लिख कर आता है कि आपने जेंडर अपडेट की लिमिट को क्रॉस कर लिया है, इसलिए दोबारा ऑनलाइन के माध्यम से सुधार नहीं करा सकते।