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राफेल नडाल: सांडों की लड़ाई के लिए मशहूर देश का योद्धा टेनिस खिलाड़ी

Wed, 03 Jun 2020 10:19 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Wed, 03 Jun 2020 10:19 PM IST
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some unknown and interesting facts about Rafael Nadal life
राफेल नडाल - फोटो : अमर उजाला (ग्राफिक्स रोहित झा)

स्पेन पूरी दुनिया में सांडों की लड़ाई के लिए मशहूर है। इसी देश में 3 जून यानी आज के ही दिन राफेल नडाल का जन्म हुआ। 1986 में जब वो पैदा हुए थे तब कोई नहीं जानता था कि अगले कुछ साल में वे अपने देश को एक अलग पहचान दिलाने वाले हैं। लोग ऐसा इसलिए भी नहीं मानते थे क्योंकि राफेल नडाल के माता-पिता का खेल से कोई लेना देना नहीं था। सवाल ये है कि फिर नडाल में खिलाड़ी बनने की चाहत आई कहां से?

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राफेल नडाल - फोटो : अमऱ उजाला (ग्राफिक्स रोहित झा)

इस सवाल का जवाब बताने के लिए आपको एक किस्सा सुनाते हैं। दरअसल राफेल नडाल के एक चाचा टेनिस खिलाड़ी थे और दूसरे फुटबॉल चाचा फुटबॉल खेलते थे। नडाल जब सिर्फ 3 साल के थे तो उन्होंने टेनिस रैकेट पकड़ लिया। अभी 12 साल के करीब रहे होंगे जब उन्होंने एक रीजनल टूर्नामेंट जीत लिया था।

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राफेल नडाल - फोटो : अमर उजाला (ग्राफिक्स रोहित झा)

कहानी में ट्विस्ट ये है कि उस वक्त तक राफेल नडाल फुटबॉल भी खेला करते थे। नडाल की काबिलियत दोनों खेलों में दिखाई दे रही थी। बावजूद इसके अगर उन्हें खेल की दुनिया में आगे बढ़ना था और बड़े स्तर पर खेलने का एक ‘सीरियस एफर्ट’ करना था तो ये जरूरी था कि वो टेनिस और फुटबॉल में से किसी एक खेल को चुनें। लिहाजा वो दिन आ ही गया जब उनके सामने शर्त रखी गई कि वो फुटबॉल या टेनिस में से किसी एक खेल को चुनें। नडाल ने टेनिस चुना।

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राफेल नडाल - फोटो : अमर उजाला (ग्राफिक्स रोहित झा)

16 साल की उम्र में उन्होंने अपने फैसले को सही साबित कर दिया। उन्होंने विबंलडन के ब्वायज सिंगल्स टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। 17 का होते होते नडाल का सामना रोजर फेडरर से हुआ। उन्होंने फेडरर को हराकर विंबलडन के तीसरे दौर में जगह बनाई। ये 2003 की बात है। उसके बाद तो नडाल को टेनिस की दुनिया में एक धमाकेदार खिलाड़ी की पहचान मिल गई और यूरोप का एक छोटा सा देश स्पेन टेनिस के खेल में आसमान की बुलंदियों को छूने लगा।

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