महर्षि विदुर महाभारत के युद्ध में शामिल नहीं हुए परंतु महाभारत में इनका महत्वपूर्ण स्थान था। ये कौरवों और पांडवो के काका थे। महात्मा विदुर ऋषि वेदव्यास के पुत्र थे। ये एक महान विद्वान और अत्यंत सरल स्वाभाव के व्यक्ति थे। विदुर जी अत्यंत ज्ञानी और दूरदर्शी थे। इनकी नीतियां आज से समय में भी बहुत प्रासंगिक हैं। महात्मा विदुर नें ऐसी चार अवस्थाओं के बारे में बताया है जो मनुष्य की नींद उड़ी देती हैं। इन परिस्थितियों में व्यक्ति लाख प्रयासों के पश्चात भी चैन की नींद नहीं सो पाता है। ये सभी बातें स्त्री और पुरूष दोनों पर समान रूप से लागू होती हैं। तो चलिए जानते हैं कि वे कौन सी अवस्थाएं है।
विदुर नीति: ये चार चीजें उड़ा देती हैं व्यक्ति की नींद, नहीं मिलती है एक पल की शांति
काम-भावना से पीड़ित व्यक्ति
विदुर नीति के अनुसार जब किसी व्यक्ति में काम भावना हो तो उस स्थिति में उसका मन पूरी तरह से अशांत हो जाता है और वह तमाम प्रयासों को बाद भी नहीं सो पाता है। जब व्यक्ति काम भावना से पीड़ित होता है, तब उस स्थिति में जब तक उसे तृप्ति नहीं होती है, उसे किसी भी प्रकार से नींद नहीं आ सकती है। इस अवस्था में वह कोई भी कार्य सही प्रकार से नहीं कर पाता है।
जब शत्रु हो अधिक बलवान
विदुर जी के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का शत्रु उससे बहुत अधिक बलशाली है तो उसकी नींद उड़ जाती है, क्योंकि स्वयं के कमजोर होने के कारण उसे अनहोनी होने की आशंका सताती रहती है। वह किसी भी प्रकार से उस शत्रु से छुटकारा पाने या विजय पाने की युक्ति सोचता रहता है। जिसके कारण उसका मन-मस्तिष्क सदैव क्रियाशील रहता है और वह व्यक्ति चैन से नहीं सो पाता है।
जब व्यक्ति का सब कुछ छीन जाए
विदुर नीति के अनुसार किसी व्यक्ति के मन में सब-कुछ छीन लिए जाने का डर हो या फिर उसका सबकुछ छीन लिया जाए तो उसकी रातों की नींद उड़ जाती है। ऐसे व्यक्ति के लिए एक-एक पल बहुत ही भारी होता है। वह किसी भी प्रकार से अपनी छीनी हुई वस्तु को प्राप्त करने के लिए प्रयास करता रहता है। ऐसे में वह एक क्षण भी चैन की नींद नहीं ले पाता है।
चोरी का अवगुण आने पर
विदुर नीति के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में चोरी करने का अवगुण आ जाए तो वह कभी चैन की नींद नहीं सोता है। धन के प्रति उसका लालच दिन पर दिन बढ़ता जाता है। वह जल्दी से जल्दी धन पाने के लिए लगातार चोरी की युक्ति सोचता रहता है। इसके अलावा उसे अपने द्वारा किए गए गलत कर्मों के कारण सजा पाने का भय सताता रहता है। जिसके कारण हमेशा उसकी नींद उड़ी रहती है।