Shukravar Vrat Niyam In Hindi: हिंदू धर्म में उपवास या व्रत रखने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक शुद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है। सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता की आराधना के लिए समर्पित होता है और उस दिन विशेष व्रत रखने का अपना अलग महत्व होता है।
Shukravar Vrat: शुक्रवार व्रत में करें इस पूजा विधि और नियम का पालन, पूरी होगी हर मनोकामना
शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माता संतोषी और देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन विधि पूर्वक व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उसके समस्त कष्ट दूर होने लगते हैं।
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शुक्रवार व्रत के नियम
शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से इस व्रत की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि माघ माह में इस व्रत को आरंभ किया जाए तो इसका प्रभाव और भी अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, मलमास या खरमास के दौरान इस व्रत को प्रारंभ करने की सलाह नहीं दी जाती।
इस व्रत में खटाई यानि खट्टे पदार्थों जैसे नींबू, इमली, दही आदि के सेवन की मनाही होती है। ऐसा करने से व्रत का संकल्प भंग हो सकता है। व्रती को इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। बिना नमक वाला भोजन ग्रहण करना इस व्रत का एक महत्वपूर्ण नियम होता है। माता संतोषी और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।
व्रत के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद माता संतोषी या देवी लक्ष्मी के समक्ष व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के साथ श्रीयंत्र की स्थापना करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भक्त को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से माता की आराधना करनी चाहिए। माता संतोषी को गुड़ और चने का भोग लगाना अनिवार्य माना जाता है। यह प्रसाद माता को अति प्रिय होता है और इससे व्रत का संकल्प पूर्ण माना जाता है।
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शुक्रवार व्रत के लाभ
इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं। माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की वृद्धि होती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।