शनि अमावस्या के दिन कुछ मंत्रों का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में खुशियां आती हैं। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या यानी 15 मई को विशेष योग में शनि जयंती मनाई जाएगी। इस दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त है।
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शनि जयंती 2018: इन मंत्रों का करेंगे जाप तो शनिदेव खुशियों से भर देंगे झोली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 May 2018 08:06 AM IST
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shani dev
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पंडित ओम प्रकाश सति ने बताया कि शनि भगवान कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। शनि देव अपने भोग काल में उन्हीं को नुकसान पहुंचाते हैं जिनके कर्म बुरे होते हैं। जिन जातकों के कर्म अच्छे होते हैं शनि भगवान उनके साथ अच्छा ही अच्छा करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं शनि जयंती के दिन किए जाने वाले उपाय।
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शनिदेव को न्याय के देवता कहा जाता है। जयंती पर या हर शनिवार को शनिदेव के इन चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से कष्टों का अंत होता है।
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- ऊं शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।
- ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
- शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: ।
- ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
- शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: ।
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शनि के वक्री काल का प्रभाव देश पर गहरा पड़ेगा
- ऊं शं शनैश्चराय नमः।
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु कृष्णौ रौद्रान्तको यमः।
सौरि शनैश्चरा मंद पिप्पलादेन संस्थितः।।
ऊं शं शनैश्चराय नमः।
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु कृष्णौ रौद्रान्तको यमः।
सौरि शनैश्चरा मंद पिप्पलादेन संस्थितः।।
ऊं शं शनैश्चराय नमः।