फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan 2025: श्रावण मास में भगवान श्री कृष्ण की पूजा का महत्व, मिलता है वरदान

Thu, 17 Jul 2025 11:29 AM IST
ज्योति मेहरा शैली प्रकाश
शैली प्रकाश Published by: ज्योति मेहरा Updated Thu, 17 Jul 2025 11:29 AM IST
सार

सावन माह में तो सभी भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करते हैं, लेकिन ब्रज मंडल में शिव पूजा के साथ ही श्रीकृष्ण की पूजा भी प्रारंभ हो जाती है। श्रावण मास में द्वारकाधीश की उपासना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उपासक को आरोग्य का वरदान मिलता है और समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
 

विज्ञापन
Sawan 2025 Importance of worshiping Lord Shri Krishna in Shravan
Lord Shri Krishna Puja in Shravan - फोटो : Adobe Stock
Lord Shri Krishna Puja in Shravan: सावन माह में तो सभी भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करते हैं, लेकिन ब्रज मंडल में शिव पूजा के साथ ही श्रीकृष्ण की पूजा भी प्रारंभ हो  जाती है। दरअसल, श्रावण और भाद्रपद मास वर्षा ऋतु के मास हैं। इस माह में वर्षा नया जीवन लेकर आती है। इस माह से ही चातुर्मास लगता है। इन दोनों मासों का संबंध श्रीकृष्ण से भी है।


मिलता है मोक्ष और वरदान
कहते हैं कि जो संन्यासी इस दौरान कृष्ण आराधना करता है उसे मोक्ष प्राप्त होता है और जो गृहस्थ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करता है उसे मनचाहा वरदान मिलता है। मान्यता है कि इस श्रावण मास में द्वारकाधीश की उपासना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उपासक को आरोग्य का वरदान मिलता है और समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
 

Lahsun Pyaj In Sawan: सावन के महीने में प्याज-लहसुन खाना सही है या गलत? जानें प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा

Famous Temples: भारत के ऐसे मंदिर जहां प्रसाद के रूप में चढ़ता है मांस और मदिरा




 
Sawan 2025 Importance of worshiping Lord Shri Krishna in Shravan
एक माह तक ब्रज के मंदिरों में श्रीकृष्ण पूजा - फोटो : Adobe Stock
एक माह तक ब्रज के मंदिरों में श्रीकृष्ण पूजा
श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी से भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी यानि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक पूरे एक माह तक ब्रज मंडल में श्रीकृष्ण की आराधना होती है। जिस तरह शिव के शिवालयों को श्रावण मास में अच्छे से सजाकर भगवान शिव की पूजा आराधना की जाती है उसी तरह दुनियाभर के कृष्ण मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और आराधना धूमधाम से की जाती है। यह संपूर्ण माह कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ माह माना जाता है।

 
Sawan 2025 Importance of worshiping Lord Shri Krishna in Shravan
ब्रज मंडल में उत्सवों का आयोजन  - फोटो : Adobe Stock
ब्रज मंडल में उत्सवों का आयोजन 
सावन और भादो में श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा, गोकुल, बरसाना और वृंदावन में सावन उत्सव का आयोजन होता है। जैसे इन उत्सवों में हिंडोले में झूला, घटाएं, रासलीला और गौरांग लीला का आयोजन होता हैं।

हिंडोला 
यहां श्रावण मास के कृष्णपक्ष अष्टमी से मंदिर में 2 चांदी के और 1 सोने का हिंडोला डाला जाता है। इन हिंडोलों में भगवान कृष्ण को झुलाया जाता है। इस माह में अधिकतर जगह पर श्रीकृष्ण के बालरूप की पूजा की जाती है। इसमें हिंडोला सजाने और बालमुकुंद को झूला झूलने की परंपरा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Sawan 2025 Importance of worshiping Lord Shri Krishna in Shravan
हरियाली तीज  - फोटो : adobe stock
हरियाली तीज 
ब्रज मंडल के वृंदावन में हरियाली तीज धूमधाम से मनाया जाता है। यहां के प्राचीन राधावल्लभ मंदिर में हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक चांदी, केले, फूल व पत्ती आदि के हिंडोले डाले जाते हैं तथा पवित्रा एकादशी पर ठाकुरजी पवित्रा धारण करते हैं। हरियाली तीज से पंचमी तक ठाकुरजी स्वर्ण हिंडोले में और उसके बाद पूर्णिमा तक चांदी, जड़ाऊ, फूल पत्ती आदि के हिंडोले में झूलते हैं। कई मंदिरों में हिंडोले में कृष्ण के साथ बलराम भी झूलते हैं। दाऊजी मंदिर बलदेव एवं गिरिराज मुखारविंद मंदिर जतीपुरा में हिंडोले में ठाकुर जी की प्रतिमा के प्रतिबिम्ब को झुलाया जाता है।
 

Sawan 2025: जलाभिषेक और रुद्राभिषेक में होता है ये बड़ा अंतर, जानें पूजा के नियम और महत्त्व

विज्ञापन
Sawan 2025 Importance of worshiping Lord Shri Krishna in Shravan
श्रीकृष्ण पूजा - फोटो : Adobe Stock
रासलीला
वसंत के बाद श्रीकृष्ण सावन माह में रास रचाते हैं। सावन मास को ब्रज में प्रेम और नव जीवन का माह भी कहा जाता है। मोर के पांव में नृत्य बंध जाता है। संपूर्ण सृष्टि नृत्य करने लगती हैं। वृन्दावन का प्रमुख आकर्षण विश्वप्रसिद्ध रासाचार्यो द्वारा रासलीला प्रस्तुत की जाती है। जिनमें कृष्ण लीलाओं का जीवन्त प्रस्तुतीकरण होता है।

घटा उत्सव
सावन मास में ब्रज मंडल में सावन उत्सव के अलावा घटा महोत्सव का भी आयोजन होता है। इस आयोजन में विभिन्न रंग की आकर्षक घटा में कन्हैया की लीलाओं को प्रस्तुत किया जाता है। मंदिरों की काली घटा देखने के लिए भीड़ उमड़ती है।

- शैली प्रकाश


अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed