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Lahsun Pyaj In Sawan: सावन के महीने में प्याज-लहसुन खाना सही है या गलत? जानें प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा

Wed, 16 Jul 2025 05:36 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Wed, 16 Jul 2025 05:36 PM IST
सार

सावन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला माना जाता है। इन दिनों एक आम सवाल सामने आता है, क्या सावन में लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित है? और यदि हां, तो क्यों? आइए जानते हैं इसपर प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा...

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Is it right or wrong to eat onion and garlic in Saava Know answer from premanand maharaj
प्रेमानंद जी महाराज - फोटो : Amar Ujala

Lahsun Pyaj In Sawan: सावन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला माना जाता है। यह वह समय होता है जब भक्त भगवान शिव की आराधना, उपवास, और संयम का पालन करते हैं। इस दौरान व्रत, पूजा-पाठ और सात्त्विक जीवनशैली को प्राथमिकता दी जाती है। इन दिनों एक आम सवाल सामने आता है, क्या सावन में लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित है? और यदि हां, तो क्यों? इस प्रश्न का उत्तर संत प्रेमानंद जी महाराज ने बड़ी सहजता से दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उन्होंने इस विषय पर गहराई से बात की।



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प्रेमानंद जी महाराज - फोटो : X@dimo_tai

प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा?
प्रेमानंद जी महाराज ने स्पष्ट किया कि सावन केवल बाह्य उपवास का समय नहीं होता, बल्कि यह मन, वाणी और व्यवहार की शुद्धि का भी अवसर होता है। इस पवित्र महीने में सात्त्विक आहार अपनाने की परंपरा है और लहसुन-प्याज जैसे खाद्य पदार्थों को ‘तमोगुणी’ यानी तामसिक श्रेणी में रखा गया है।

इन पदार्थों में ऐसे गुण होते हैं जो मनुष्य में आलस्य, क्रोध, मोह, और कामना जैसी भावनाओं को बढ़ाते हैं। ये सभी भावनाएं साधना और आत्मिक उन्नति में बाधा डालती हैं। इसलिए सावन में विशेष रूप से इनसे बचने की सलाह दी जाती है।

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क्या लहसुन-प्याज खाना पाप है? - फोटो : Adobe Stock

क्या लहसुन-प्याज खाना पाप है?
एक भक्त द्वारा पूछे गए प्रश्न पर महाराज ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, “लहसुन और प्याज उसी मिट्टी में उगते हैं जिसमें आलू उगता है, लेकिन अंतर उनके गुणों का है, स्वाद का नहीं।” उनका कहना था कि इनका सेवन पाप नहीं है, लेकिन आध्यात्मिक साधना में रुकावट जरूर है। जो लोग व्रत, जप-तप, भागवत पाठ या शिव साधना कर रहे हैं, उन्हें इन तामसिक चीजों से बचना चाहिए।

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क्या कभी खा सकते हैं लहसुन-प्याज? - फोटो : freepik.com

क्या कभी खा सकते हैं लहसुन-प्याज?
प्रेमानंद जी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति औषधीय उद्देश्य से इनका सेवन करता है, जैसे पाचन या हृदय संबंधी समस्या के लिए, तो सीमित मात्रा में इसे स्वीकार किया जा सकता है। लेकिन यदि उद्देश्य सिर्फ स्वाद या आदत है, तो यह अनुशासनहीनता मानी जाती है।

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वृंदावन - फोटो : Amar Ujala

भक्ति में स्वाद नहीं भाव प्रधान है
महाराज ने वृंदावन का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ठाकुरजी और राधारानी को बिना लहसुन-प्याज का अत्यंत स्वादिष्ट भोजन अर्पित किया जाता है। इससे यह सिद्ध होता है कि भोजन में स्वाद केवल मसालों से नहीं आता, बल्कि उसमें समर्पण, पवित्रता और भावनाओं का होना अधिक महत्वपूर्ण है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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