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Sindoor Lagane Ke Niyam: इन दो दिनों में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए सिंदूर, जानें इसके सही नियम
Sat, 28 Dec 2024 07:49 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 28 Dec 2024 07:49 AM IST
सार
हिंदू धर्म में आमतौर पर विवाहित महिलाएं प्रतिदिन अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सप्ताह में कुछ विशेष दिन ऐसे भी होते हैं जब इसे लगाने से बचना चाहिए? आइए जानते हैं इन दिनों के पीछे की मान्यताएं।
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सिंदूर लगाने के नियम
- फोटो : Amar Ujala
2 Days Should Not Apply Sindoor: हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए सिंदूर का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। आमतौर पर विवाहित महिलाएं प्रतिदिन अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सप्ताह में कुछ विशेष दिन ऐसे भी होते हैं जब इसे लगाने से बचना चाहिए? धार्मिक मान्यता के अनुसार, सप्ताह के दो दिनों में सिंदूर लगाने से परहेज करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है और भाग्य भी संवरता है। ऐसे में आइए जानते हैं इन दिनों के पीछे की मान्यताएं।
सिंदूर लगाने के नियम
- फोटो : adobe stock
मंगलवार को न लगाएं सिंदूर
मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, इसलिए इस दिन विवाहित महिलाओं को सिंदूर लगाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी ने माता सीता के सिंदूर को देखकर उसकी महिमा को समझा और अपने ऊपर इसे लगाया। इसलिए इस दिन सिंदूर लगाने को शुभ नहीं माना जाता।
मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, इसलिए इस दिन विवाहित महिलाओं को सिंदूर लगाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी ने माता सीता के सिंदूर को देखकर उसकी महिमा को समझा और अपने ऊपर इसे लगाया। इसलिए इस दिन सिंदूर लगाने को शुभ नहीं माना जाता।
सिंदूर लगाने के नियम
- फोटो : adobe stock
सिंदूर लगाने की दिशा
सिंदूर लगाने की दिशा भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। ज्योतिष के अनुसार जब महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, तो उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इन दिशाओं को शुभ और देवी-देवताओं की दिशा माना जाता है। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बढ़ता है।
सिंदूर लगाने की दिशा भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। ज्योतिष के अनुसार जब महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, तो उनका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इन दिशाओं को शुभ और देवी-देवताओं की दिशा माना जाता है। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बढ़ता है।
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सिंदूर लगाने के नियम
- फोटो : adobe stock
सिंदूर लगाने की विधि
सिंदूर लगाने की प्रक्रिया में सही विधि का पालन करना आवश्यक है। मान्यता है कि सिंदूर लगाने से पहले चांदी के सिक्के का उपयोग करना शुभ होता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
सिंदूर लगाने की प्रक्रिया में सही विधि का पालन करना आवश्यक है। मान्यता है कि सिंदूर लगाने से पहले चांदी के सिक्के का उपयोग करना शुभ होता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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सिंदूर लगाने के नियम
- फोटो : adobe stock
इसके अलावा सिंदूर लगाने से पहले पति का चेहरा देखने की परंपरा को शुभ माना गया है, जिससे इस प्रक्रिया का प्रभाव अधिक बढ़ता है। इन धार्मिक और ज्योतिषीय नियमों का पालन करके महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय और समृद्ध बना सकती हैं।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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