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Mokshada Ekadashi 2020: पापों से मुक्ति दिलाती है मोक्षदा एकादशी, भगवान कृष्ण ने स्वयं बताया है इसका महत्व

Thu, 10 Dec 2020 04:38 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 10 Dec 2020 04:38 PM IST
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Mokshada Ekadashi 2020 date geeta jayanti date and significance
lord vishnu

एक माह में दो पक्ष होते हैं कृष्ण पक्ष, शुक्ल पक्ष। दोनों पक्षों की ग्याहरवीं तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है। इस तरह से माह में दो एकादशी होती हैं और पूरे साल में 24 एकादशी पड़ती हैं।एकादशी के व्रत को श्रेष्ठ बताया गया है। इसका उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा आराधना की जाती है। मार्गशीष (अगहन) माह में पड़ने वाली एकादशी का खास महत्व माना जाता है, क्योंकि यह माह कृष्ण जी का स्वरूप माना गया है। जानते हैं मोक्षदा एकादशी कब हैं क्या है इसका महत्व

Mokshada Ekadashi 2020 date geeta jayanti date and significance
lord vishnu - फोटो : Social Media

मोक्षदा एकादशी का महत्व
मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सारे पापों का नाश हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्षदायिनी होने के कारण ही इस एकादशी का नाम मोक्षदा एकादशी है। इस दिन जो लोग नियम के साथ व्रत करते हैं, उन्हें भगावन विष्णु की कृपा प्राप्त होती हैं और मनुष्य को सुखों की प्राप्ति होती है। मोक्षदा एकादशी के बारे में कहा जाता है कि कृष्ण जी में भी इस व्रत की महिमा के बारे में बताया है।

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भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया था मोक्षदा एकादशी का महत्व
भगवान श्री कृष्ण ने इस एकादशी का महत्व धर्मराज युधिष्ठिर को समझाते हुए कहा था कि ये एकादशी इतनी पुण्यदायिनी है कि इसका व्रत करने से मनुष्य सभी पापकर्मों के बंधन से छूट जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्ष ही ईश्वर से मिलने का एकमात्र जरिया है। 

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भगवान विष्णु

गीता जयंती होने से और भी खास होती है यह एकादशी
मोक्षदा एकादशी के दिन ही गीता जयंती भी है। इसी दिन गीता का उद्भव हुआ था। महाभारत के समय युद्ध भूमि में जब अर्जुन अपने सगे-संबंधियों को देखकर विचलित हो गए और शस्त्र उठाने से मना कर दिया, तब भगवान कृष्ण ने उनके ज्ञानचक्षु खोलने के लिए उन्हें उपदेश दिए थे। जो महाभारत ग्रंथ में गीता के नाम से उल्लेखित हैं। 

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lord vishnu

एकादशी तिथि
एकादशी तिथि आरंभ- 24 दिसंबर 2020 को रात 11 बजकर 17 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त- 25 दिसंबर 2020 रात 1 बजकर 54 मिनट तक 

 

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