14 जनवरी को सूर्य उत्तरायण होंगे जिसके अगले दिन यानी 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व देशभर में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति का उल्लेख वैदिक धर्मग्रंथ, धर्मसूत्र और आचार संहिता में भी मिलता है। सूर्य उत्तरायण के बाद देश भर में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में मनाया जाता है। आइए, आज हम आपको बताते हैं इस पर्व को मकर संक्रांति के नाम से क्यों जाना जाता है।
जानें मकर संक्रांति के नाम के पीछे का महत्त्व और इस दिन से कैसे सूर्य की किरणें पहुचांती हैं लाभ
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 07 Jan 2020 03:57 PM IST
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