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कहानी महाभारत की, इन पांच कारणों से कर्ण और अर्जुन में दुश्मनी थी

Tue, 08 Mar 2016 04:56 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 08 Mar 2016 04:56 PM IST
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mahabhart karn arjun war
कर्ण और अर्जुन युद्ध

महाभारत में एक प्रसंग आया है क‌ि जब कर्ण को सेनापत‌ि बनाया गया तब कुंती कर्ण के पास आयी और यह राज बताया क‌ि पांडव उनके दुश्मन नहीं बल्क‌ि उनके भाई हैं। इस रहस्य को जानने के बाद भी कर्ण ने कौरवों की ओर से युद्ध करने का न‌िर्णय नहीं बदला और यह वचन द‌िया क‌ि अर्जुन को छोड़कर वह क‌िसी अन्य पांडव को नहीं मारेगा। कर्ण का यह कहना इस बात को दर्शाता है क‌ि कर्ण के मन में अर्जुन के प्रत‌ि क‌ितना जहर भरा हुआ था। और इस दुश्मनी की कई वजह थी।

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महाभारत गीता उपदेश
अध‌िरथ ज‌िन्होंने कर्ण का लालन-पालन क‌िया था वह कर्ण को श‌िक्षा प्राप्त‌ि के ल‌िए गुरू द्रोणाचार्य के पास ले गए थे। लेक‌िन द्रोणाचार्य ने कर्ण को श‌िक्षा देने से मना कर द‌िया क्योंक‌ि कर्ण क्षत्र‌िय नहीं था। दूसरा कारण यह था क‌ि वह अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर बनाना चाहते थे। अर्जुन द्रोणाचार्य का सबसे प्र‌िय श‌िष्य भी थे। कर्ण अर्जुन को युद्ध में पराज‌ित करके द्रोणाचार्य को यह साब‌ित करके द‌िखाना चाहते थे क‌ि वह सूतपुत्र होकर भी क्षत्र‌िय अर्जुन से बेहतर है। कर्ण की यह महत्वाकांक्षा इनके बीच दुश्मनी की एक बड़ी वजह थी।
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कर्ण दुर्योधन महाभारत

कौरव और पाण्डवों की श‌िक्षा खत्म होने के बाद दीक्षांत समारोह आयोजन क‌िया गया ज‌िसमें सभी को अपनी क्षमता और योग्यता का प्रदर्शन करना था। जब अर्जुन अपनी युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रहे थे तब कर्ण वहां पहुंच गए और उन्होंने अर्जुन को चुनौती दी। कर्ण की चुनौती से पाडव क्रोध‌ित हो गए और सूतपुत्र कहकर कर्ण का अपमान क‌‌िया और कर्ण को प्रत‌‌ियोग‌िता में शाम‌िल होने से रोक द‌िया गया। यहीं दुर्योधन ने कर्ण को अंगराज बनाकर अपना म‌ित्र बना ल‌िया।

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द्रौपदी स्वयंवर

एक कथा है क‌ि कर्ण भी द्रौपदी से व‌िवाह करना चाहता था। इसके ल‌िए कर्ण स्वयंवर में भाग लेने पहुंचा था। लेक‌िन कर्ण को यहां भी सूतपुत्र होने के कारण स्वयंवर में भाग लेने से रोक द‌िया गया और ब्रह्मण वेष में अर्जुन ने स्वयंवर में भाग लेकर द्रौपदी से व‌िवाह रचाया। इस घटना की वजह से ही कर्ण ने द्युत क्रीड़ा में द्रौपदी को दांव पर लगाने की मांग की थी और बाजी हार जाने के बाद सभा में द्रौपदी का अपमान क‌िया था। द्रौपदी का अपमान कौरव पांडवों के बीच युद्ध कारण बना तो कर्ण और अर्जुन की शत्रुता को और भड़काने का काम क‌िया।

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कर्ण महाभारत

पांडवो के वनवास के दौरान कर्ण और दुर्योधन पांडवों को परेशान करने के ल‌िए वन में तंबू लगाकर रहने लगे। इस दौरान एक गंधर्व कन्या के साथ छेड़छाड़ करने के कारण गंधर्वों ने दुर्योधन को बंदी बना ल‌िया। अर्जुन और भीम ने दुर्योधन को बंधन मुक्त करवाया। कर्ण मद‌िरा पीने के कारण नशे में थे इसल‌िए दुर्योधन की मदद नहीं कर पाए। कर्ण को काफी अपमान सहना पड़ा था। अर्जुन भीम की वजह से अपमान के कारण कर्ण उनसे बदला लेना चाहता था।

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