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Kharmas 2025: इस दिन होगी खरमास की समाप्ति, जल्द शुरू हो जाएंगे सभी मांगलिक कार्य
Sun, 12 Jan 2025 07:39 AM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sun, 12 Jan 2025 07:39 AM IST
सार
खरमास को धनु संक्रांति भी कहा जाता है। खरमास उस अवधि को दर्शाता है जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं। इस अवधि में धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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Kharmas 2025
- फोटो : अमर उजाला
Kharmas 2025: खरमास को धनु संक्रांति भी कहा जाता है। खरमास उस अवधि को दर्शाता है जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं। इस अवधि में धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। खरमास के दौरान सूर्य देव की पूजा करना विशेष रूप से शुभ और फलदायी होता है। आइए जानते हैं कि 2025 में शुभ कार्य कब से शुरू किए जा सकते हैं।
खरमास 2024
- फोटो : Adobe Stock
खरमास के दौरान क्या कर सकते हैं?
सूर्य देव को जल अर्पित करें: खरमास में प्रतिदिन सूर्य देव को जल चढ़ाना अत्यधिक लाभकारी माना गया है। दान-पुण्य करें: इस अवधि में दान का विशेष महत्व है। गुड़, मूंगफली, गर्म कपड़े, कंबल आदि का दान करना पुण्यकारी होता है।सकारात्मक कर्मों पर ध्यान दें: इस समय के दौरान किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से बचने और अच्छे कर्मों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है।
सूर्य देव को जल अर्पित करें: खरमास में प्रतिदिन सूर्य देव को जल चढ़ाना अत्यधिक लाभकारी माना गया है। दान-पुण्य करें: इस अवधि में दान का विशेष महत्व है। गुड़, मूंगफली, गर्म कपड़े, कंबल आदि का दान करना पुण्यकारी होता है।सकारात्मक कर्मों पर ध्यान दें: इस समय के दौरान किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से बचने और अच्छे कर्मों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है।
खरमास 2024
- फोटो : Adobe Stock
खरमास के बाद किए जाने वाले कार्य
खरमास समाप्त होने के बाद धार्मिक और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि आरंभ किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नया वाहन, प्रॉपर्टी खरीदने और व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्य भी शुभ माने जाते हैं।
खरमास समाप्त होने के बाद धार्मिक और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि आरंभ किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नया वाहन, प्रॉपर्टी खरीदने और व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्य भी शुभ माने जाते हैं।
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खरमास 2024
- फोटो : Adobe Stock
सूर्य देव की पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
- तांबे के लोटे में जल भरें और उसमें लाल फूल और रोली मिलाएं।
- पूर्व दिशा में मुख करके सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- जल अर्पित करते समय सूर्य की किरणों को ध्यान से देखते रहें।
- इस प्रक्रिया के दौरान "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र का जप करें।
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खरमास 2024
- फोटो : Adobe Stock
इन उपायों और पूजा पद्धति को अपनाकर खरमास के दौरान भी शुभ ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। मकर संक्रांति के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत कर जीवन में सुख-समृद्धि और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हुआ जा सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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