Hariyali Teej 2025: हर साल सावन के महीने में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख-शांति के लिए मनाती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं इस दिन मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना के साथ व्रत करती हैं। यह व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत में भक्ति भाव और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। हरियाली तीज शिव-पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति में मनाई जाती है। अगर किसी कन्या के विवाह में देरी हो रही है, तो जल्दी विवाह के लिए इस दिन कुछ खास उपाय भी किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं कुंवारी कन्याएं इस दिन कौने से खास उपाय कर सकती हैं।
Hariyali Teej 2025: विवाह में हो रही है देरी, तो कुंवारी कन्याएं करें हरियाली तीज के दिन ये खास उपाय
हरियाली तीज शिव-पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति में मनाई जाती है। अगर किसी कन्या के विवाह में देरी हो रही है, तो जल्दी विवाह के लिए इस दिन कुछ खास उपाय भी किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं कुंवारी कन्याएं इस दिन कौने से खास उपाय कर सकती हैं।
- शादी में बार-बार रुकावट आ रही है, तो लाल वस्त्र पहनकर व्रत करें और पार्वती माता को कुमकुम अर्पित करें।
- शिव-पार्वती की एक साथ पूजा करें और जल्दी विवाह की कामना करें।
- भगवान शिव को नारियल अर्पित करें। इससे विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।
- माता पार्वती को श्रृंगार का सामान चढ़ाने से भी शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
- विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- विवाह में देरी या समस्याओं से जूझ रही कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।
- वैवाहिक जीवन में प्रेम, सामंजस्य और संतुलन बढ़ता है।
- कुंडली में शुक्र और चंद्र जैसे ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है, जिससे आकर्षण और वैवाहिक प्रस्तावों के योग बनते हैं।
इस साल श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 26 जुलाई की रात 10:41 बजे से होगा और इसका समापन 27 जुलाई की रात 10:42 बजे होगा। ऐसे में 27 जुलाई 2025, रविवार को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा।
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हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि इसी दिन देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी और अंततः उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसीलिए यह दिन सुहाग की रक्षा और विवाह की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।