दशहरा 2017: इन जगहों पर बेहद अलग तरीके से मनाया जाता है दशहरा
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कुल्लू का दशहरा
कुल्लू का दशहरा विश्वप्रसिद्ध है यहां मनाए जाने वाला दशहरा का उत्सव शानदार होता है। यहां पर दशहरे की शुरुआत काफी दिनों पहले से होने लगती है। यहां पर अपने कुलदेवता भगवान जगन्नाथ को पालकी में बैठाकर शहर में यात्रा निकाली जाती हैं। यहां के दशहरे की खास बात ये है कि इसमें रावण का पुतला नहीं जलाया जाता है।
मैसूर का दशहरा
मैसूर में दशहरा मनाने की रिवाज करीब 600 सालों से चला आ रहा है इसकी शुरुआत चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की जाती है। दशहरे के दिन मैसूर शहर की रौनक देखने लायक होती है पूरा शहर रौशनी से जगमगाया रहता है। इस दिन सजे-धजे हाथियो का भव्य जुलूस निकाला जाता है।
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बस्तर का दशहरा
बस्तर के दशहरे की शुरुआत सावन मास की अमावस्या से हो जाती है। जो पूरे 75 दिन तक चलती है इसमें यहां की कुल देवी दंतेश्वरी की आराधना की जाती है।
गुजरात का दशहरा
दशहरा का पर्व गुजरात का विशेष त्योहार होता है इसमें नवरात्रि के दिनों में डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाता है । नृत्य के माध्यम से नवरात्रि के दिनों में देवी की आराधना की जाती है। दशहरे वाले दिन नौ दिन तक उपवास रखने के बाद तोड़ा जाता है।