प्रत्येक वर्ष छ: छ: माह के अंतराल पर दो बार नवरात्रि मनाई जाती हैं। कार्तिक मास में पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है तो वहीं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाली नवरात्रि को चैत्र या बासंतिक नवरात्रि कहा है। इस बार 13 अप्रैल 2021 यानि कल से नवरात्रि आरंभ हो रहें हैं। दोनों ही नवरात्रों में जौ जरूर बोए जाते हैं। नवरात्रि में जौ बोने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि पूजा में जौ का क्या महत्व है साथ ही कलश में इसका प्रयोग क्यों किया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कहती हैं पौराणिक मान्यताएं।
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नवरात्रि 2021
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पूजा पाठ में जौ के प्रयोग को लेकर क्या कहती हैं पौराणिक मान्यताएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार है कि आदिकाल से पूजा-पाठ में हवन के दौरान जौ को आहुति देने की परंपरा चली आ रही है। आज के समय में भी आहुति की सामाग्री में जौं अवश्य मिलाए जाते हैं। जौ यानि अन्न को ब्रह्मा माना गया है, पूजा-पाठ में अन्न का उपयोग करने अर्थात ईश्वर को समर्पित करने का अर्थ है कि हमें अन्न यानी कि जो ब्रह्म स्वरूप है उसका सम्मान करना चाहिए। यह अन्न की महत्वत्ता को दर्शाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पृथ्वी की पहली फसल जौं थी। इसे पूर्ण फसल माना गया है, इसलिए यह फसल देवी मां को अर्पित की जाती है और श्रद्धा स्वरूप जौं बोए जाते हैं। इसके अलावा भी जौं बोने को लेकर मान्यताएं हैं। माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान बोई गई जौ जितनी हरी-भरी होगी, मां दुर्गा की कृपा से जातक के घर में उतनी ही सुख-समृद्धि आती है।
नवरात्रि के दिनों में बोये गए जौ से भी शुभ-अशुभ संकेत भी माने जाते हैं। यदि दो से तीन दिन में जौ अंकुरित होने लगते हैं। तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है, लेकिन जिन लोगों के यहां जौ सही से नहीं उगते हैं तो माना जाता है कि आने वाला समय परेशानियों से भरा रहेगा। हालांकि कई बार जौ सही तरह से न सोएं जाएं तो भी जौं का अंकुरण नहीं हो पाता है।
क्या कहता है जौं का रंग
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार यदि किसी के यहां नवरात्रि में बोए गए जौं के ऊपर का आधा हिस्सा हरा हो और नीचे से आधा हिस्सा पीला तो इसका अर्थ होता है कि आने वाले समय में आधा वर्ष खुशहाली और आधा वर्ष परेशानियों के साथ बीतेगा। इसके अलावा अगर जौ का रंग हरा हो या फिर सफेद हो गया हो, तो इसका अर्थ होता है कि आने वाला समय देवी भगवती की कृपा से अपार खुशियों और समृद्धि से भरा हुआ रहेगा।