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Bhishma Dwadashi 2021: पांडवों ने इस दिन किया था भीष्म पितामाह का तर्पण, आप भी पा सकते हैं पितरों का अशीर्वाद

Wed, 24 Feb 2021 10:36 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Wed, 24 Feb 2021 10:36 AM IST
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Bhishma Dwadashi 2021 Katha Puja Shubh Muhurat puja Vidhi significance pitru tarpan and pind daan on Bhishma Dwadashi
2021 Bhishma Dwadashi Puja Shubh Muhurat - फोटो : सोशल मीडिया

माघ माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी के नाम जा जाना जाता है। इस बार भीष्म द्वादशी 24 फरवरी 2021 दिन बुधवार को पड़ रही है। महाभारत में भीष्म पितामह ने कौरवों की ओर से और पांडवों के विरूद्ध युद्ध लड़ा था। वे बहुत ही कुशल और अजय योद्धा थे। भीष्म अकेले ही युद्ध जीतने का सामर्थ्य रखते थे, परंतु वे जानते थे कि वे गलत पक्ष की ओर से युद्ध लड़ रहे हैं, यही कारण था कि उन्होंने स्वयं ही पराजय स्वीकार कर ली। भीष्म पितामाह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। उन्होंने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपनी देह का त्याग किया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस दिन भीष्म पितामाह ने अपनी देह त्यागी थी, उस दिन माघ मास की अष्टमी तिथि थी, जिसके बाद द्वादशी तिथि को पांडवों ने भीष्म पितामाह की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान संस्कार किए थे। तो चलिए जानते हैं कि इस दिन आप किस तरह से अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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भीष्म पितामह - फोटो : Social Media
पौराणिक कथाओं के अनुसार जो मनुष्य भीष्म द्वादशी के दिन अपने पितरों के निमित्त दान-तर्पण करेता है उसके पितर सदैव प्रसन्न रहते हैं। द्वादशी का दिन तर्पण और पिंडदान आदि संस्कारों के लिए उत्तम रहता है। इस दिन अपने पितरों के निमित्त पिंड दान, तर्पण, ब्राह्मण भोज, और दान पुण्य करना चाहिए। इससे आपके पितर प्रसन्न होते हैं और आपको सुख समृद्घि का आशीर्वाद देते हैं।
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भीष्म पितामह - फोटो : you tube
भीष्म द्वादशी या तिल बारस

भीष्म द्वादशी को तिल बारस भी कहा जाता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व माना जाता है। भीष्म द्वादशी के दिन पानी में तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान के साथ पूजा करें और उन्हें तिल के बने लड्डू और नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।

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भीष्म पितामह - फोटो : social media
तिल का दान और तिल से हवन

भीष्म द्वादशी के दिन व्रत करके तिल से हवन करना चाहिए इसके साथ ही तिल का दान भी करना चाहिए। माना जाता है कि इससे व्यक्ति को समस्त प्रकार सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

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