Bhimashankar Jyotirlinga: भगवान शिव को समर्पित 'भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग' को लेकर नया अपडेट सामने आया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए बंद रहने वाला है। यह फैसला किसी धार्मिक अनुष्ठान के कारण नहीं, बल्कि मंदिर के विकास, नवीनीकरण और संरचनात्मक सुधार से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्य मंदिर परिसर के भीतर किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन व्यवस्था को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। ऐसे में आइए इससे जुड़ी अन्य जानकारी को जानते हैं।
Bhimashankar Jyotirlinga: आखिर क्यों 1 जनवरी से बंद रहेगा भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग ? जानिए क्या है इसका कारण
Bhimashankar Jyotirlinga: भगवान शिव को समर्पित 'भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग' को लेकर नया अपडेट सामने आया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए बंद रहने वाला है।
मंदिर में क्या-क्या होंगे बदलाव ?
जानकारी के मुताबिक, मंदिर में सौंदर्यीकरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई और बेहतर कतार व्यवस्था पर कार्य किया जा सकता है। वहीं मंदिर प्रशासन द्वारा टेंपल मैनेजमेंट सिस्टम को भी आधुनिक और पारदर्शी रूप दिया जाएगा। इस दौरान दान, धनराशि और व्यवस्थापन से जुड़े काम भी संपूर्ण होंगे। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम लगाया जाएगा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से संचालित होगा।
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क्या है मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का नाम भी शामिल हैं। मान्यता है कि, यहां भगवान शिव और त्रिपुरासुर राक्षस के बीच युद्ध हुआ था। इस युद्ध के दौरान इतनी प्रचंड ऊष्मा उत्पन्न हुई कि पास बहने वाली भीमा नदी भी सूख गई थी।
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ऐसा माना जाता है कि, फिर भगवान शिव के पसीने से ही भीमा नदी में दोबारा जल प्रवाहित हुआ, जिसके कारण इस स्थान का नाम भीमाशंकर पड़ा। यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित है, श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि, यहां प्रभु के दर्शन करने से साधक की बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर होती हैं। यही नहीं व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।