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Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर करें इस कथा का पाठ, समस्त पाप होंगे नष्ट

Tue, 19 Aug 2025 10:45 AM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Tue, 19 Aug 2025 10:45 AM IST
सार

अजा एकादशी के दिन उपवास और पूजन करने के साथ-साथ अजा एकादशी की कथा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन से दुःख समाप्त हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

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Aja Ekadashi Vrat Katha In Hindi 2025 raja harishchandra ki kahani
अजा एकादशी की कथा - फोटो : freepik

Aja Ekadashi Vrat Katha In Hindi: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। साल भर में आने वाले 24 एकादशी व्रतों में से अजा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और मोक्ष प्रदान करने वाली तिथियों में गिना जाता है। यह व्रत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है, जो भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम से व्रत रखने तथा श्रीहरि का स्मरण करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष अजा एकादशी का व्रत 19 अगस्त 2025, मंगलवार को रखा जाएगा। 



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इस दिन उपवास और पूजन करने के साथ-साथ अजा एकादशी की कथा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन से दुःख समाप्त हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

Aja Ekadashi Vrat Katha In Hindi 2025 raja harishchandra ki kahani
अजा एकादशी की कथा - फोटो : adobe

अजा एकादशी की कथा
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सतयुग में हरिश्चंद्र नामक एक महान, सत्यवादी और दयालु राजा थे। वे अपने धर्मनिष्ठ स्वभाव के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन समय के साथ उन पर विपरीत परिस्थितियां आने लगीं और दुर्भाग्यवश उन्हें अपना राज-पाट, संपत्ति और परिवार सब कुछ गंवाना पड़ा। हालात इतने बिगड़े कि उन्हें एक चांडाल के घर दास का जीवन व्यतीत करना पड़ा।

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Aja Ekadashi Vrat Katha In Hindi 2025 raja harishchandra ki kahani
अजा एकादशी की कथा - फोटो : adobe

इन परिस्थितियों में राजा हरिश्चंद्र अत्यंत दुखी और निराश हो गए थे। एक दिन जब वे शोक में बैठे थे, तभी वहां से गौतम ऋषि गुजरे। ऋषि ने राजा की व्याकुलता देखकर कारण पूछा। तब राजा हरिश्चंद्र ने अपनी समस्त व्यथा सुनाई और कष्टों से मुक्ति पाने का उपाय जानना चाहा।

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अजा एकादशी की कथा - फोटो : adobe stock
गौतम ऋषि ने उन्हें अजा एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और दुखों से मुक्ति मिलती है। ऋषि के वचन सुनकर राजा हरिश्चंद्र ने भक्ति भाव से उपवास किया, भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की और रात्रि जागरण कर श्रीहरि का ध्यान किया।
 

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Mohini Ekadashi 2025 - फोटो : adobe stock

व्रत के प्रभाव से उनके समस्त पाप नष्ट हो गए और उनके जीवन में फिर से खुशहाली लौट आई। उन्हें अपना राज्य, परिवार और सम्मान पुनः प्राप्त हो गया। मृत्यु के पश्चात राजा हरिश्चंद्र को बैकुंठ धाम की प्राप्ति हुई।

इस प्रकार अजा एकादशी का व्रत आत्मिक शांति, धार्मिक पुण्य और ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।


 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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