फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में क्यों जरूरी है पितरों का श्राद्ध ? जानें महत्व और नियम

Thu, 11 Sep 2025 04:44 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Thu, 11 Sep 2025 04:44 PM IST
सार

Pitru Paksha 2025: ब्रह्म पुराण के अनुसार, श्राद्ध न करने से पितृगणों को दुख तो होता ही है, साथ में श्राद्ध न करने वालों को भी कष्टों का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन
Why is Shraddha important in Pitru Paksha know rules and significance of it
पितृपक्ष में श्राद्ध का महत्व - फोटो : Amar Ujala
मानसी श्री


Pitru Paksha 2025: ब्रह्म पुराण के अनुसार, श्राद्ध न करने से पितृगणों को दुख तो होता ही है, साथ में श्राद्ध न करने वालों को भी कष्टों का सामना करना पड़ता है। श्राद्ध पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक पितृगण पृथ्वी लोक पर अपने गोत्र परिवार में अनेक रूप से विचरण करते हुए स्वजनों से तर्पण की अभिलाषा करते हैं। इसलिए भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि करने का विधान है। श्राद्ध कर्म की आवश्यकता के संबंध में शास्त्रों में बहुधा प्रमाण मिलते हैं। ब्रह्म पुराण के अनुसार, श्राद्ध न करने से पितृगणों को दुख तो होता ही है, साथ में श्राद्ध न करने वालों को भी कष्टों का सामना करना पड़ता है।
 

Pitru Paksha 2025: पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए श्राद्ध पक्ष में करें यह सरल उपाय, पूरे होंगे सभी अटके काम

Why is Shraddha important in Pitru Paksha know rules and significance of it
Pitru Paksha 2025 - फोटो : adobe stock

श्राद्ध न कुरुते मोहात तस्य रक्तं पिबन्ति ते।
पितृस्तस्य शापं दत्वा प्रदान्तिच।।


अर्थात जो व्यक्ति पूर्वजों का श्राद्ध नहीं करते, पितृ उनका ही रक्तपान करके चल देते हैं। साथ ही श्राद्ध भाग न पाने पर पितृ श्राप देकर वापस अपने लोक चले जाते हैं। वहीं श्राद्ध से तुष्ट होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को आरोग्यता समेत कई आशीर्वाद देते हैं।

Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये काम, जानें क्या है श्राद्ध करने के नियम

Why is Shraddha important in Pitru Paksha know rules and significance of it
Pitru Paksha 2025 - फोटो : adobe stock

सार तत्व ग्रहण करते हैं पितर
प्रायः लोग शंका करते हैं कि आखिर श्राद्ध की वस्तुए पितरों तक पहुंचती कैसे हैं? इस शंका का समाधान यह है कि देवता और पितर स्थूल भोजन प्राप्त न कर केवल सार तत्व ही ग्रहण करते हैं। जिस प्रकार मनुष्यों का आहार अन्न है, पशुओं का आहार घास है, वैसे ही पितरों का आहार अन्न के सार तत्व हैं। पितरों के नाम, गोत्र और स्वधा शब्द के उच्चारण के साथ की गई अन्न, आहुति और ब्राह्मण भोज सूक्ष्म अंश में सूर्य लोक पहुंचते हैं और वहां से अभीष्ट पितरों के पास। वे जिस भी योनि में हों और जिस प्रकार के आहार के योग्य होते हैं, वैसे ही रूप में पहुंचकर उन्हें तृप्त करते हैं।

Indira Ekadashi 2025: पितरों को प्रसन्न करने के लिए इंदिरा एकादशी पर करें यह उपाय

विज्ञापन
विज्ञापन
Why is Shraddha important in Pitru Paksha know rules and significance of it
Pitru Paksha 2025 - फोटो : adobe stock
कुछ खास बातें
  • तर्पण पितरों के निमित्त सारी क्रियाएं- जनेऊ को दाहिने कंधे पर रखकर, भावपूर्वक दक्षिण मुख होकर काले तिल मिश्रित जल से किया जाता है।
  • सात्विक श्राद्ध भोजन में चावल, दूध, शक्कर और घी से बने पदार्थ, गंगा जल, शहद और खीर पितरों के लिए परम तृप्तिकारी होते हैं।
  • तीन आहुतियां- ‘आग्नेश कव्यवाहनाय स्वाहा, सोमाय पितृभते स्वाहा और वैवस्वताय स्वाहा’ मंत्रों द्वारा दी जाती हैं। उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है। भोजन के बाद ब्राह्मण को दक्षिणा अवश्य देनी चाहिए।
  • गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी और देवताओं के लिए भी भोजन का कुछ भाग निकाला जाता है।
विज्ञापन
Why is Shraddha important in Pitru Paksha know rules and significance of it
Pitru Paksha 2025 - फोटो : amar ujala
  • यदि श्राद्धकर्ता ब्राह्मण को भोजन, दक्षिणादि देने में असमर्थ है तो वह ब्राह्मण को कच्चा धान्य एवं मुट्ठी भर तिल देकर भी श्राद्ध कर्म कर सकता है। इसमें भी असमर्थ होने पर गाय को चारा खिलाकर तथा पूर्वजों को नमस्कार करके क्षमायाचना कर ले।
  • श्राद्धकर्ता को श्राद्ध के दिन एक समय भोजन, भूमि शयन एवं ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन दातुन करना, पान खाना, मैथुन, तेल, उबटन लगाना आदि वर्जित माना गया है।
  • श्राद्ध भोजन में लाल और काले रंग के फूल, केवड़ा, बेल पत्र, उड़द, मसूर, अरहर, गाजर, लौकी, बैंगन, शलगम, प्याज, हींग, लहसुन, जीरा, पीली सरसों आदि वस्तुओं का प्रयोग निषेध है।

 



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अपनी राशि के दैनिक राशिफल को और अधिक विस्तार से जानने के लिए myjyotish के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर से कंसल्ट करें!
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed