Sawan 2025: हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान शिव की आराधना को समर्पित होता है। मान्यता है कि जो भक्त इस पवित्र मास में सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करते हैं, उन्हें महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी कारण सावन के दौरान रुद्राभिषेक का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। वर्ष 2025 में सावन 11 जुलाई से आरंभ होकर 9 अगस्त तक रहेगा। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि रुद्राभिषेक करने के लिए कौन-कौन सी तिथियां शुभ हैं।
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Sawan 2025: सावन के इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से मिलते हैं विशेष फल, बरसती है महादेव की कृपा
Tue, 08 Jul 2025 11:40 AM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Tue, 08 Jul 2025 11:40 AM IST
सार
सावन के दौरान रुद्राभिषेक का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। वर्ष 2025 में सावन 11 जुलाई से आरंभ होकर 9 अगस्त तक रहेगा। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि रुद्राभिषेक करने के लिए कौन-कौन सी तिथियां शुभ हैं।
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Sawan 2025
- फोटो : adobe stock
क्या है रुद्राभिषेक?
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क्या है रुद्राभिषेक?
रुद्राभिषेक एक प्राचीन वैदिक प्रक्रिया है जिसमें भगवान शिव के रुद्र रूप का अभिषेक विभिन्न पवित्र वस्तुओं जैसे दूध, शहद, जल, दही, घी आदि से किया जाता है। यह विधि अत्यंत शुभ मानी जाती है और कहा जाता है कि इससे व्यक्ति को पापों से मुक्ति, दुखों से छुटकारा और महादेव की कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार यह पूजा जीवन में सुख-शांति, सफलता और समृद्धि लेकर आती है। साथ ही यह ग्रह दोषों को शांत करने में भी सहायक होती है।
वर्ष 2025 में रुद्राभिषेक के लिए शुभ तिथियां:
- फोटो : adobe stock
वर्ष 2025 में रुद्राभिषेक के लिए शुभ तिथियां:
पहला सावन सोमवार- 14 जुलाई 2025
दूसरा सावन सोमवार- 21 जुलाई 2025
तीसरा सावन सोमवार- 28 जुलाई 2025
चौथा सावन सोमवार- 4 अगस्त 2025
सावन शिवरात्रि- 23 जुलाई 2025
नाग पंचमी- 29 जुलाई 2025
इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
पहला सावन सोमवार- 14 जुलाई 2025
दूसरा सावन सोमवार- 21 जुलाई 2025
तीसरा सावन सोमवार- 28 जुलाई 2025
चौथा सावन सोमवार- 4 अगस्त 2025
सावन शिवरात्रि- 23 जुलाई 2025
नाग पंचमी- 29 जुलाई 2025
इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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रुद्राभिषेक के लाभ
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रुद्राभिषेक के लाभ
पापों से छुटकारा- रुद्राभिषेक करने से पूर्व जन्म और वर्तमान जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है।
आर्थिक उन्नति- यह पूजा धन की प्राप्ति और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होती है।
स्वास्थ्य लाभ- रोगों और मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
ग्रह दोषों का निवारण- कालसर्प दोष, मंगल दोष जैसे ग्रहदोषों की शांति होती है।
पापों से छुटकारा- रुद्राभिषेक करने से पूर्व जन्म और वर्तमान जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है।
आर्थिक उन्नति- यह पूजा धन की प्राप्ति और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होती है।
स्वास्थ्य लाभ- रोगों और मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
ग्रह दोषों का निवारण- कालसर्प दोष, मंगल दोष जैसे ग्रहदोषों की शांति होती है।
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रुद्राभिषेक के लाभ
- फोटो : freepik
संतान प्राप्ति- गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है।
मनोकामनाओं की पूर्ति- भगवान शिव भक्तों की सच्ची प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हैं।
नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा- घर से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
शिक्षा और करियर में सफलता- विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह पूजा शुभ फलदायक होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
मनोकामनाओं की पूर्ति- भगवान शिव भक्तों की सच्ची प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हैं।
नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा- घर से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
शिक्षा और करियर में सफलता- विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह पूजा शुभ फलदायक होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।