{"_id":"5f52578df68b566d3e718b0a","slug":"sarva-pitru-amavasya-2020-date-know-religious-significance-and-importance-of-sarva-pitru-amavasya","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Sarva Pitru Amavasya 2020: सर्व पितृ अमावस्या जानें पितरों के लिए कैसे बनी यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Sarva Pitru Amavasya 2020: सर्व पितृ अमावस्या जानें पितरों के लिए कैसे बनी यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sun, 06 Sep 2020 06:20 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
सर्व पितृ अमावस्या 17 सितंबर को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्व पितृ अमावस्या के नाम से जाना जाता है। श्राद्ध कर्म में इस तिथि का बड़ा महत्व माना गया है। शास्त्रों में इसे मोक्षदायिनी अमावस्या कहा गया है। आइए जानते हैं पितरों के तर्पण के लिए यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण क्यों है।
2 of 6
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
अमावस्या तिथि मनुष्य की जन्मकुंडली में बने हुए पितृदोष-मातृदोष से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ तर्पण, पिंडदान एवं श्राद्ध के लिए अक्षय फलदायी मानी गई है। शास्त्रों में इस तिथि को 'सर्वपितृ श्राद्ध' तिथि भी माना गया है। इसके पीछे एक महत्वपूर्ण घटना है।
3 of 6
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
देवताओं के पितृगण 'अग्निष्वात्त' जो सोमपथ लोक मे निवास करते हैं। उनकी मानसी कन्या, 'अच्छोदा' नाम की एक नदी के रूप में अवस्थित हुई। एक बार अच्छोदा ने एक हज़ार वर्ष तक निर्बाध तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर दिव्यशक्ति परायण देवताओं के पितृगण 'अग्निष्वात्त' अच्छोदा को वरदान देने के लिए दिव्य सुदर्शन शरीर धारण कर आश्विन अमावस्या के दिन उपस्थित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
उन पितृगणों में 'अमावसु' नाम की एक अत्यंत सुंदर पितर की मनोहारी-छवि यौवन और तेज देखकर अच्छोदा कामातुर हो गयी और उनसे प्रणय निवेदन करने लगीं किन्तु अमावसु अच्छोदा की कामप्रार्थना को ठुकराकर अनिच्छा प्रकट की, इससे अच्छोदा अति लज्जित हुई और स्वर्ग से पृथ्वी पर आ गिरी।
विज्ञापन
5 of 6
सर्व पितृ अमावस्या 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
अमावसु के ब्रह्मचर्य और धैर्य की सभी पितरों ने सराहना की एवं वरदान दिया कि यह अमावस्या की तिथि 'अमावसु' के नाम से जानी जाएगी। जो प्राणी किसी भी दिन श्राद्ध न कर पाए वह केवल अमावस्या के दिन श्राद्ध-तर्पण करके सभी बीते चौदह दिनों का पुण्य प्राप्त करते हुए अपने पितरों को तृप्त कर सकते हैं। तभी से प्रत्येक माह की अमावस्या तिथि को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है और यह तिथि 'सर्वपितृ श्राद्ध' के रूप में भी मनाई जाती है।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।