रंगभरी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहा जाता है। इसे आमलकी एकादशी व्रत कहते हैं। रंगभरी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की आराधना के साथ आंवले की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी एकादशी के दिन भगवान शिव मां पार्वती को पहली बार काशी में लेकर आए थे। इसलिए यह एकादशी बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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Rangbhari Ekadashi 2021: कब है रंगभरी एकादशी, जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और कथा
Sun, 21 Mar 2021 04:14 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sun, 21 Mar 2021 04:14 PM IST
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रंगभरी एकादशी 2021
- फोटो : अमर उजाला।
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रंगभरी एकादशी 2021
- फोटो : अमर उजाला।
कब है रंगभरी एकादशी 2021?
फाल्गुन शुक्ल पक्ष तिथि इस साल 25 मार्च को है। अतः रंगभरी एकादशी 25 मार्च को है।
रंगभरी एकादशी 2021
- फोटो : अमर उजाला
रंगभरी एकादशी व्रत मुहूर्त
एकादशी तिथि का प्रारंभ - 24 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त - 25 मार्च को 09 सुबह 47 मिनट तक
एकादशी व्रत पारण का समय - 26 मार्च को सुबह 06:18 बजे से 08:21 बजे तक
एकादशी तिथि का प्रारंभ - 24 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त - 25 मार्च को 09 सुबह 47 मिनट तक
एकादशी व्रत पारण का समय - 26 मार्च को सुबह 06:18 बजे से 08:21 बजे तक
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रंगभरी एकादशी 2021
- फोटो : अमर उजाला।
रंगभरी एकादशी व्रत विधि
- इस दिन सुबह नहाकर पूजा का संकल्प लें।
- घर से एक पात्र में जल भरकर शिव मंदिर जाएं।
- अबीर, गुलाल, चन्दन और बेलपत्र भी साथ ले जाएं।
- पहले शिव लिंग पर चन्दन लगाएं।
- फिर बेल पत्र और जल अर्पित करें।
- इसके बाद अबीर और गुलाल अर्पित करें।
- भोलेनाथ से अपनी सभी परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें।
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रंगभरी एकादशी 2021
- फोटो : सोशल मीडिया
रंगभरी एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सृष्टि की रचना के समय भगवान विष्णु ने आंवले को पेड़ के रूप में प्रतिष्ठित किया था। इसलिए आंवले के पेड़ में ईश्वर का स्थान माना गया है। आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।