इस्लाम धर्म में रोजा रखने का एक अलग महत्व होता है। इस्लाम धर्म में रोजा रखने का मतलब होता है खुदा की इबादत करना। रोजा रखने के कई आध्यात्मिक फायदे भी होते हैं। जैसे सही समय पर भोजन करने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कहते हैं रमजान के दौरान रोजा रखने वाले लोगों का विश्वास खुदा पर पहले से ज्यादा बढ़ जाता है। दिल से मांगी गई दुआ इस महीने में कबूल की जाती है। एक महीने तक रोजा रखने के बाद लोग ईद का त्योहार मनाते हैं।
Ramadan 2019: खुदा की इबादत का पाक महीना रमजान, जानें रोजे रखने के नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: कशिश मिश्रा
Updated Mon, 06 May 2019 03:47 PM IST
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